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पीलीभीत में बाढ़; सेना के हेलीकॉप्टर से 10 लोग बचाए, पानी-पानी हुआ कलेक्ट्रेट; सीएम कर सकते हैं दौरा

भारी बारिश और शारदा नदी में चार लाख क्यूसेक से अधिक अतिरिक्त पानी वनबसा बैराज से छोड़ा गया था। इससे पीलीभीत के कई स्थानों पर बाढ़ आ गई। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में पूरनपुर के ट्रांस क्षेत्र कलीनगर हैं। यहां अनेक गांवों में पानी भरा है। बरेली से आए सेना के जवानों ने हेलीकॉप्टर की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया है।

By Jagran News Edited By: Abhishek Saxena Tue, 09 Jul 2024 12:42 PM (IST)
कलेक्ट्रेट रोड पर आए पानी के बीच से निकलते लोग। जागरण।

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत में बाढ़ ने बेहाल करना शुरू कर दिया है। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ट्रांस शारदा क्षेत्र में आई बाढ़ में फंसे लोगों को मंगलवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किए जाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दस लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

शारदा नदी के जलस्तर में अब कमी आने लगी है लेकिन देवहा नदी पूरे उफान पर है। देवहा नदी का पानी बरेली रोड पर चलने लगा है। साथ ही शहर के निचले इलाकों के मुहल्लों में भी बाढ़ का पानी आ जाने से लोग परेशान हैं।

सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए ग्रामीण

मंगलवार को सुबह से ही पूरनपुर के ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांव खिरकिया बरगदिया में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को हेलीकाप्टर से रेस्क्यू करने का अभियान शुरू कर दिया गया। अब तक दस लोगों को सुरक्षित ढंग से रेस्क्यू कर लिया गया है। अन्य लोगों को रेस्क्यू किए जाने का कार्य जारी है।

शारदा नदी में सुबह नौ बजे 94 हजार 510 क्यूसेक अतिरिक्त पानी चल रहा है। धीरे-धीरे जलस्तर में कमी आ रही है। ऐसे में नदी के कटान करने की आशंका जताई जा रही है। देवहा नदी में अभी भी 56 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी चल रहा है।

देवहा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बरेली रोड पर ललौरीखेड़़ा में सड़क पर बाढ़ का पानी चल रहा है। शहर में ईदगाह रोड, खकरा पुल, दूधिया मंदिर, लेखराज चौराहा, फीलखाना, पकड़िया नौगवां, चंदोई आदि के निचले इलाकों में देवहा की बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। 

कलेक्ट्रेट के निकट टनकपुर हाईवे पर चल रहा पांच फीट पानी

देवहा-खकरा नदियों में आई बाढ़ का पानी अभी तक सड़कों पर चल रहा है। टनकपुर हाईवे पर कलेक्ट्रेट व ऑफिसर्स कॉलोनी के सामने पांच फीट पानी चल रहा है। सिविल लाइंस चौकी के पास से पीलीभीत टाइगर रिजर्व मुख्यालय जाने वाला मार्ग भी जलमग्न है। शहर के निचले इलाकों वाले मुहल्लों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।

टाइगर रिर्जव जाने वाले रास्ते पर पानी भर गया है।

कलेक्ट्रेट के रास्ते पर आने वालों की मुश्किलें बढ़ीं

सोमवार को कलेक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस लाइन, जिला कारागार एवं जजी में अपने विभिन्न कार्यों से जाने वालों के लिए मुश्किलें रहीं। टनकपुर हाईवे पर सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास से लेकर जजी तिराहा के आगे तक लगभग पांच फीट पानी सड़क पर चल रहा है। वाहन मुश्किल से निकल पा रहे हैं। पुलिस चौकी के पास से ही वनकटी रोड पर टाइगर रिजर्व के मुख्यालय से आगे तक मार्ग पूरी तरह जलमग्न है। वन विभाग की कालोनी में भी पानी अभी तक भरा हुआ है।

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घरों में कैद हुए लोग

शहर के मुहल्ला खकरा, डालचंद, बेनी चौधरी, फीलखाना, दूधिया मंदिर रोड, लेखराज चौराहा आदि में भी देवहा में आई बाढ़ का पानी अभी तक भरा हुआ है। ऐसे में लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर से सटे गांव चंदोई जाने वाले मार्ग पर स्थित खकरा नदी पुल पर भी कई फीट पानी चल रहा है। नगर पंचायत नौगवां पकड़िया में देवहा नदी में जाने वाला बड़ा नाला उफना गया। नाला का बहाव उल्टा हो गया है। नदी में नाले का पानी जाने के बजाय पीछे लौट रहा है। इससे निचले इलाकों के कई घरों में पानी भर गया।

बाढ़ के पानी में एंबुलेंस भी फंसी।

बाढ़ का जायजा लेने मुख्यमंत्री के आने की संभावना, तैयारियां शुरू

शारदा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित पूरनपुर व कलीनगर तहसील क्षेत्रों का दौरा करने के लिए मुख्यमंत्री के बुधवार को यहां पहुंचने की संभावना है। इस आशय का संकेत जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री कार्यालय से मिला है। इसके बाद जिलाधिकारी हेलीपैड स्थल के लिए जगह तय कराने को पूरनपुर तहसील रवाना हो गए।

बाढ़ से सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति पूरनपुर के ट्रांस क्षेत्र की है। इसीलिए वहां के विभिन्न गांवों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी। 

कल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं सीएम

इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय से जिला प्रशासन को संकेत मिला है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने के लिए आ सकते हैं। इसके बाद जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह मुख्यमंत्री के लिए हेलीपैड स्थल का चयन कराने के लिए पूरनपुर तहसील रवाना हो गए। इसी के साथ मुख्यमंत्री के संभावित दौरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।