ग्रेटर नोएडा में जंगलों का विस्तार करने की योजना, मियावाकी पद्धति से यीडा तैयार कर रहा पर्यावरणीय ईको सिस्टम
यमुना प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा में मियावाकी पद्धति से छोटे जंगल विकसित कर रहा है। सेक्टर 28 की ग्रीन बेल्ट में ...और पढ़ें
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सेक्टर 28 में ग्रीन बेल्ट में मियावाकी पद्धति से तैयार हुआ जंगल। सौ. यीडा
HighLights
सेक्टर 28 में मियावाकी जंगल एक साल में फल देने लगा।
यमुना प्राधिकरण इन सफल जंगलों का विस्तार करने की योजना बना रहा।
नोएडा एयरपोर्ट के पेड़ों की भरपाई में भी यह पहल सहायक।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण औद्योगिक शहर बसाने के साथ विकास के नाम पर हुई पर्यावरण की भरपाई में भी जुटा है। मियावाकी पद्धति से छोटे-छोटे जंगल क्षेत्र विकसित किया जा रहे हैं। ताकि पर्यावरणीय ईको सिस्टम को मजबूत किया जा सके।
प्राधिकरण के प्रयास रंग भी ला रहे हैं। औद्योगिक सेक्टर 28 के नजदीक ग्रीन बेल्ट में मियावाकी पद्धति से विकसित जंगल में एक साल में ही रोपे गए पौधे पर फल आने लगे हैं। प्राधिकरण इसका विस्तार करने की योजना बना रहा है।
ग्रीन बेल्ट को घने जंगल में बदलने की योजना
यमुना प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर ग्रीन बेल्ट बनाई है। प्राधिकरण इस बेल्ट में समय समय पर पौधा रोपण करता रहा है, लेकिन प्राधिकरण की योजना मियावाकी पद्धती से ग्रीन बेल्ट को घने जंगल में बदलने की है। इससे पर्यावरण के साथ जीव जंतुओं और पक्षियों को भी बसेरा मिल सके।
प्राधिकरण ने सेक्टर 28 के नजदीक 1500 वर्गमीटर में मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए गए थे। रोपे गए पौधे में खासतौर पर फलदार प्रजाति को चुना गया, ताकि पक्षियों व छोटे-छोटे जीवों के लिए भोजन की उपलब्धता हो सके। लगभग एक साल में ये पौधे काफी विकसित हो चुके हैं। कई पौधे पर फल भी आने लगे हैं।
इस सफलता से उत्साहित प्राधिकरण इस जंगल के विस्तार की योजना बना रहा है। इसके आसपास मियावाकी पद्धति से ही और पौधे लगाए जाएंगे। प्राधिकरण की उद्यान विभाग की उपनिदेशक आरती सिंह का कहना है कि सेक्टर 28 के नजदीक ग्रीन बेल्ट में मियावाकी पद्धति से रोपे गए पौधों तेजी से विकसित हो रहे हैं। भविष्य में यह जंगल यीडा सिटी में रहने वालों के लिए ग्रीन फेंफड़े का काम करेगा। इसका विस्तार किया जाएगा।
साबौता में भी विकसित किया गया है जंगल
सेक्टर 28 के अलावा साबौता कट के नजदीक भी कंपनी ने सीएसआर के तहत मियावाकी पद्धति से जंगल विकसित किया है। इसमें 2019 में पौधे रोपे गए थे। रोपे गए पौधे सात साल में वृक्ष का रूप ले चुके हैं। पक्षियों ने इसमें बसेरा बना लिया है।
सेक्टर 28 में कई बड़ी कंपनियों की इकाई लग रही
सेक्टर 28 में यीडा की कई बड़ी इकाई लग रही हैं। प्रदेश का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहा है। साढ़े तीन सौ एकड़ में विकसित होने वाले इस पार्क में 101 औद्योगिक इकाईयों का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर चिप की इकाई भी सेक्टर 28 में बनाई जा रही है। डाटा सेंटर व आइटी इकाई भी इसी सेक्टर में विकसित करने की योजना है।
एयरपोर्ट के कारण 11 हजार से अधिक पेड़ काटे गए
नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के कारण 11 हजार से अधिक पेड़ काटे गए हैं। वन विभाग ने इसकी अनुमति इस शर्त पर दी थी कि दस गुना अधिक पौधे लगाने होंगे। यीडा ग्रीन बेल्ट पार्क व वन विभाग की जमीन पर पौधा रोपण कर इस लक्ष्य को पूरा कर रहा है।
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