विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यीडा क्षेत्र में रजिस्ट्री से राजस्व के रिकॉर्ड में उछाल दर्ज, अब प्राधिकरण को भी स्टांप शुल्क में मिलेगी हिस्सेदारी

Published: Wed, 04 Nov 2026 08:36 AM (IST)

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्ति की रजिस्ट्री बढ़ने से स्टांप शुल्क राजस्व में भारी उछाल आया है। अब यीडा को ...और पढ़ें

land-registry-v
land-registry-v

HighLights

  1. यीडा क्षेत्र में संपत्ति रजिस्ट्री से राजस्व में वृद्धि।

  2. प्राधिकरण को स्टांप शुल्क का दो प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।

  3. यह राशि यीडा के विकास कार्यों पर खर्च होगी।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्ति की खरीद फरोख्त, रजिस्ट्री की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है। यीडा का खजाना की रकम भी वैसे भी बढ़ रही है। रजिस्ट्री से निबंधन विभाग को मिलने वाले स्टांप शुल्क से दो प्रतिशत राशि यीडा के खाते में जाएगी। इसके लिए यीडा शासन से मांग कर चुका है। करीब पांच करोड़ रुपये यीडा को इसके सापेक्ष शासन से मिलेंगे।

पिछले साल से बढ़ जाएगा आंकड़ा

यीडा में संपत्ति की रजिस्ट्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। यीडा की संपत्ति की रजिस्ट्री से प्रदेश सरकार को 2021-22 में 37.79 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क मिला था जो 2025-26 में 368.84 करेाड़ रुपये तक पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 327.37 कराेड़ रुपये स्टांप शुल्क प्रदेश सरकार को मिल चुका है। 31 मार्च तक यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अधिक होने की संभावना है।

रजिस्ट्री की संख्या में क्यों आया उछाल?

यीडा आवंटियों को लगातार आवंटित संपत्ति पर कब्जा दे रहा है। इससे संपत्ति की रजिस्ट्री की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें आवासीय, औद्योेगिक संपत्ति की रजिस्ट्री सबसे अधिक हुई हैं। हालांकि यीडा में बड़े औद्योगिक निवेश में कई को प्रदेश सरकार पहले ही स्टांप शुल्क से छूट दे चुकी है। अन्यथा राजस्व को यह आंकड़ा और अधिक होता।

यीडा को कुल राजस्व में दो प्रतिशत रकम मिलेगी

शासन से स्टांप शुल्क से मिलने वाली दो प्रतिशत हिस्सेदारी की रकम को यीडा अपने ढांचागत विकास पर खर्च करेगा। यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि संपत्ति की रजिस्ट्री तेजी से हो रही हैं। इससे प्रदेश सरकार को स्टांप शुल्क के तौर पर मिलने वाले राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यीडा को इस राजस्व में दो प्रतिशत रकम मिलेगी। इसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

वर्षवार संपत्ति क्रय-विक्रय से प्राप्त स्टांप शुल्क

वर्ष स्टांप शुल्क (करोड़ रुपये में)
2021-22 37.79
2022-23 55.85
2023-24 68.63
2024-25 95.87
2025-26 368.84
2026-27 327.37

नोट: 2026-27 के आंकड़े छह माह के हैं। 

यह भी पढ़ें- ग्रेप-2 के बावजूद नोएडा की हवा जहरीली, प्रशासनिक लापरवाही से उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां

यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा PNB में 10 करोड़ के घोटाले में CBI का एक्शन, बैंककर्मी समेत 2 गिरफ्तार; पुणे से पकड़ा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।