ढपली गैंग ने भारत को पीछे ढकेलने में कसर नहीं छोड़ी, फिर से हो गया है एक्टिव; मंत्री सुनील शर्मा का बड़ा हमला
उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने जीबीयू में ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर का उद्घाटन ...और पढ़ें

ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मंत्री सुनील शर्मा ने किया शुभारंभ। फोटो: जागरण
HighLights
जीबीयू में ग्रीन स्किल्स एआई सेंटर का शुभारंभ।
मंत्री सुनील शर्मा ने 'ढपली गैंग' की आलोचना की।
युवाओं को उद्यमिता और रोजगार सृजन पर ध्यान देने की सलाह।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। श्रमिक आंदोलनों में कुछ संगठनों ने हर जगह लाल झंडे लगाकर आंदोलन और मांगों के नाम पर औद्योगिक माहौल को प्रभावित किया।
ढपली गैंग ने एक नारा दिया था कि कंपनी कोई भी हो लाल झंडा हमारा और मांगे पूरी करो। औद्योगिक विकास में व्यवधान डाले गए। इसका उदाहरण कानपुर की लालइमली कंपनी है।
यह बातें गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड एप्लाइड साइंसेज में ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शुभारंभ के मौके पर सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं।
आंदोलनों से औद्योगिक माहौल प्रभावित होने का आरोप
उन्होंने दिल्ली के 'ढपली गैंग' की गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि जब भारत में इस तरह के आंदोलन हो रहे थे, उस समय चीन में तेजी से औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आंदोलनों और औद्योगिक गतिविधियों में बाधा डालने वाली सोच के कारण चीन आगे निकल गया। अब जब देश की आर्थिक स्थिति और औद्योगिक विकास में सुधार हो रहा है, तो फिर से ऐसे तत्व सक्रिय हो रहे हैं।
इन गतिविधियों में युवाओं का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आने के बजाय अपने भविष्य के लिए सही निर्णय लें।
उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दें, ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार दे सकें।
2017 से पहले 120 स्टार्टअप, अब 20 हजार
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में महज 120 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 20 हजार हो गई है। प्रदेश सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है। युवाओं को नौकरी मांगने वाला बनने के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहिए।
इसके लिए उन्हें स्वयं सही मार्ग चुनकर आगे बढ़ने की जरूरत है। नोएडा में आईआईटी कानपुर का सेंटर है, जहां यूहब बनाने की योजना है। इन प्रयासों से युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो चुकी है। प्रदेश आज सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश बदल रहा है और इसके साथ देश भी बदल रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह बदलाव हजम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एक समय भारत विकास के मामले में पिछड़कर 11वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि भाजपा सरकार के प्रयासों से अब देश चौथे स्थान पर आ गया है।
वन मिलियन फॉर वन बिलियन और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है।
कार्यक्रम में जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. चंद्र कुमार सिंह, माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट सीएसआर इंडिया की सीनियर डायरेक्टर मंजू धस्माना और वन मिलियन वन बिलियन के संस्थापक मानव सुबोध मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा वेस्ट: सोसायटियों में स्काईशॉट और रॉकेट पर लगा बैन, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
यह भी पढ़ें- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का नया शॉर्टकट, खत्म होगा 16 KM का चक्कर और जाम; जल्द खुलेगा नया लिंक रोड
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।