12 वर्षों की महंगाई ने तोड़ा श्रमिकों का सब्र, नोएडा में आंदोलन के बाद 21% वेतन वृद्धि से हो गया समाधान?
नोएडा के श्रमिकों को 12 साल तक बढ़ती महंगाई के बावजूद मूल वेतन वृद्धि नहीं मिली। सिलेंडर, किराया और स्कूल ...और पढ़ें

मुसीबतों और आर्थिक तंगी के बीच जीवनयापन कर रहे जिले के श्रमिकों के बेसिक वेतन में वृद्धि नहीं हुई। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। सिलिंडर महंगा हो गया। घरों का किराया दो से तीन गुना बढ़ गया। स्कूलों में बच्चों की फीस हर वर्ष 10 से 20 फीसदी तक बढ़ती रही। बीते 12 वर्षों में इन सभी मुसीबतों और आर्थिक तंगी के बीच जीवनयापन कर रहे जिले के श्रमिकों के बेसिक वेतन में वृद्धि नहीं हुई।
2014 में सपा सरकार ने अकुशल, अर्धकुशल और कुशल तीन श्रेणी में बेसिक वेतन 5750, 6335 और 7080 रुपये किया। इसके बाद बेसिक वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई। वर्ष में दो बार श्रमिकों को वीडीए (परिवर्तनीय महंगाई भत्ता) प्रतिवर्ष मिला।
इससे प्रदर्शन होने तक वेतन महंगाई भत्ते समेत तीन श्रेणी में 11313, 12445 और 13940 रुपये मासिक वेतन मिलने लगा। इन 12 वर्षों में यूपी का सीपीआई (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) दिल्ली और हरियाणा की तुलना में नोएडा का सबसे अधिक बढ़ा।
वेतन बढ़ाने के राताेंरात आदेश जारी हो गए
प्रदर्शन के बाद हाईपावर कमेटी ने गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 2377 रुपये बढ़ाए हैं, लेकिन हरियाणा ने 35 और दिल्ली ने 60 प्रतिशत बढ़ोतरी इससे पहले ही कर चुके हैं।
इसके बाद नोएडा के श्रमिकों का गुस्सा फूटा तो वेतन बढ़ाने के राताेंरात आदेश जारी हो गए। बीते 12 वर्षों में यूपी का सीपीआई 425, दिल्ली का 413.42 और हरियाणा का 111.90 अंक चढ़ा।
नोएडा का सीपीआई सबसे अधिक चढ़ने के बाद भी बीते 12 वर्षों तक बेसिक वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई। अब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हरियाणा और दिल्ली की तुलना में बेहद कम रही। वेतन बढ़ोतरी को श्रमिकों के हित में होने का दावा किया जा रहा है लेकिन श्रमिक अभी भी इससे पूर्ण रूप से खुश नहीं हैं।
सीपीआई का कैसे होता है आकलन?
सीपीआई का आकलन परिवार में दो बच्चे और पति-पत्नी से होता है। इस आकलन में सबसे अधिक वृद्धि नोएडा में तो हुई लेकिन श्रमिकों के बेसिक मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। दूध की कीमत दोगुनी हो गई है।
इजीनियरिंग श्रेणी पर भी लागू होगी यह वृद्धि
यूपी में सामान्य और इंजीनियरिंग दो श्रेणी में न्यूनतम वेतन मानदेय तय होता है। हंगामे के बाद हाइ पावर कमेटी की ओर से सामान्य श्रेणी की वेतनवृद्धि 21 प्रतिशत बढ़ने की सूचना जारी की गई लेकिन इंजीनियरिंग श्रेणी में भी यह वेतनवूद्धि लागू होगी। इसकी आधिकारिक सूचना भी जल्द जारी होगी।
तिल-तिल मारने लगी महंगाई तो टूट गया सब्र
नोएडा में श्रमिक काम और अच्छे वेतन की तलाश में आए। काम मिला तो लगा गुजारा हो जाएगा। लेकिन वेतन पर लगी ब्रेक और बढती महंगाई में श्रमिक घुटने लगे। घर चलाना और परिवार का गुजारा अब और मुश्किल हो गया। आखिर में श्रमिकों का सब्र टूट गया और बडा आंदोलन कर दिया।
12 वर्ष में श्रमिकों का नहीं, विधायकों का चार गुना बढ़ गया वेतन
उत्तर प्रदेश में 12 वर्षों में श्रमिकों का कोई वेतन नहीं बढ़ा, लेकिन विधायकों का मासिक वेतन 12 वर्ष में चार गुना बढ गया। वर्ष 2013 में विधायकों को सभी भत्ते मिलाकर 50 हजार से एक लाख रुपये मिलता था। वर्ष 2015 में यह भत्ता बढ़कर 1.03 से 1.25 लाख रुपये मासिक हो गया। सितंबर 2016 में मासिक भत्ता 1.87 से 2.11 लाख रुपये हुआ। 2020 कोरोना काल में बढोतरी के बजाए 15 से 30 प्रतिशत की कटौती हुई। हाल में विधायकों का मासिक भत्ता 2.45 से 2.96 लाख रुपये मासिक है।
पांच गुना बढ़ी महंगाई पर वेतन नहीं
2013 की तुलना में सिलिंडर दोगुनी कीमत में हो गया है। 450 में मिलने वाला घरेलू सिलिंडर अब 900 से अधिक है। इस आफत में तो दो हजार देकर भी नहीं मिल रहा है। 500 रुपये के कमरे का किराया 12 वर्ष बाद चार हजार से अधिक है। स्कूल की फीस 500 रुपये मासिक से बढकर चार से पांच हजार तक पहुंच गई।
हरियाणा के छह वर्षों में वेतन और महंगाई भत्ते
| वर्ष | अकुशल | अर्धकुशल | कुशल |
| 2021 | 9703 | 10698 | 11794 |
| 2022 | 10243 | 11293 | 12450 |
| 2023 | 10532 | 11612 | 12802 |
| 2024 | 10924 | 12043 | 13278 |
| 2025 | 11257 | 12410 | 13683 |
| 2026 | 15220 | 16780 | 18500 |
दिल्ली के बीते छह वर्षों में वेतन व महंगाई भत्ते
| वर्ष | अकुशल | अर्धकुशल | कुशल |
| 2021 | 16,064 | 17,693 | 19,473 |
| 2022 | 16,792 | 18,499 | 20,357 |
| 2023 | 17,494 | 19,279 | 21,215 |
| 2024 | 18,066 | 19,929 | 21,917 |
| 2025 | 19,846 | 21,813 | 23,905 |
| 2026 | 20,358 | 22,438 | 24,674 |
गाैतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के वेतन और महंगाई भत्ते
| वर्ष | अकुशल | अर्धकुशल | कुशल |
| 2021 | 9500 | 10500 | 11800 |
| 2022 | 10,000 | 11,000 | 12,500 |
| 2023 | 10,089 | 11,098 | 12,432 |
| 2024 | 10,648 | 11,713 | 13,120 |
| 2025 | 10,994 | 12,093 | 13,547 |
| 2026 | 13,690 | 15,059 | 16,868 |
महंगाई के साथ वेतनवृद्धि जरूरी है। महंगाई भत्ता के साथ बेसिक भी बढ़ना चाहिए। सभी हितों को ध्यान में रख ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।-सत्येन्द्र सिंह, चेयरमैन आईसीआईएम व श्रम कानून सलाहकार।
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