विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा हिंसा पर UP के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का बड़ा बयान, इसे नक्सल प्रकृति का उपद्रव बताया

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 14 Apr 2026 05:48 PM (IST)

प्रयागराज में पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने नोएडा की हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह नक्सली प्रवृत्ति ...और पढ़ें

यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह।

यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह।

HighLights

  1. प्रयागराज में बोले- मुख्यमंत्री ने इसकी जांच के दिए हैं आदेश, अखिलेश यादव पर भी कसा तंज

  2. अखिलेश यादव की टिप्पणी पर बोले, ये वही लोग हैं जो कुर्सी जाने के डर से नोएडा नहीं जाते थे

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग के दौरान हुई हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे बचना चाहिए। हिंसा किसी चीज का हल नहीं। आम तौर पर ऐसा उपद्रव नक्सली प्रवृत्ति का होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह प्रतिक्रिया पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को प्रयागराज में दी।

जांच को उच्च स्तरीय समिति गठित 

अपने निवास पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन हो चुका है। उत्तर प्रदेश में कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं ले सकता। नोएडा में जिन्होंने तोड़फोड़ की उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, फिलहाल नोएडा की स्थिति नियंत्रण में है।

प्रकरण में अखिलेश यादव की टिप्पणी पर क्या बोले? 

उन्होंने कानून व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया। साफ किया कि पुलिस की जांच में देखा जा रहा है कि उपद्रव में किसी बाहरी तत्व का हाथ तो नहीं। सरकार का रुख साफ है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ औद्योगिक शांति और विकास को बनाए रखा जाए। इस प्रकरण में सपा मुखिया अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पूर्व मंत्री ने कहा, ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी जाने के डर से कभी नोएडा नहीं जाते थे। आज दूसरे पर बयानवीर बन रहे हैं।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से होकर जाने वाली Special Trains में टिकट बुकिंग शुरू है, जल्द सीट रिजर्व कराएं

यह भी पढ़ें- इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों की मांग, अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा मिले