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इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों की मांग, अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा मिले

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 14 Apr 2026 01:08 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने 10 लाख रुपये के कैशलेस इलाज और चैंबर आवंटन की मांग को लेकर डाॅ. ...और पढ़ें

प्रयागराज में सोमवार को डाॅ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर धरने पर बैठे अधिवक्ता। सौजन्य :आयोजक

प्रयागराज में सोमवार को डाॅ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर धरने पर बैठे अधिवक्ता। सौजन्य :आयोजक

HighLights

  1. न्यूनतम धरोहर धनराशि पर अधिवक्ताओं को चैंबर आवंटन की भी रखी गई मांग

  2. उच्च न्यायालय के समक्ष डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर वकीलों ने दिया धरना 

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज।अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये के कैशलेस इलाज की सुविधा तथा हाई कोर्ट में न्यूनतम धरोहर धनराशि पर चैंबर आवंटन की मांग की गई है। इस मांग को लेकर सोमवार को उच्च न्यायालय के समक्ष डाॅ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर अधिवक्ताओं ने धरना दिया।

हरबंश सिंह पूर्व उपाध्यक्ष, प्रशांत सिंह रिंकू, पूर्व संयुक्त सचिव की अगुवाई में दिए गए इस धरने की मुख्य मांगों में एक मांग न्यायमूर्ति के रूप में बाहरी अधिवक्ताओं की नियुक्ति नहीं करने की भी थी। धरने में शशि प्रकाश सिंह, अवधेश श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी,राय साहब यादव, विजय सिंह गौर, भूपेंद्र श्रीवास्तव पीयूष, अशोक त्रिपाठी, यशराज सिंह,रमेश पुंडीर, उमाशंकर मिश्र की उपस्थिति रही।

समर्थन देने के लिए कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्तियों की पर्याप्त संख्या होने के बावजूद लिस्ट के मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सुलभ और त्वरित न्याय की संकल्पना, कल्पना में बदल रही है जो बेहद चिंतनीय है।

बोले कि अधिवक्ताओं के माध्यम से मिले राजस्व से 650 करोड़ की राशि राज्य सरकार ने चैंबर निर्माण के लिए निर्गत की तो चैंबर आवंटन में अधिवक्ताओं से ली जाने वाली राशि का कोई औचित्य नहीं बनता। विधि विभाग पदाधिकारियों के साथ ही महानगर अध्यक्ष मृत्युंजय द्विवेदी भी थे।

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