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केनरा बैंक में नकली सोना गिरवी मामले में प्रयागराज पुलिस का शिकंजा, दस्तावेज किए एकत्र; 14 लोगों ने लाखों रुपये लिए लोन

By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 14 Apr 2026 12:43 PM (IST)

प्रयागराज में केनरा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर 14 लोगों ने लाखों रुपये का लोन ...और पढ़ें

प्रयागराज में केनरा बैंक की सिविल लाइंस की शाखा में फर्जीवाड़ा कर लोन लेने वालों तक पहुंचने का पुलिस प्रयास कर रही है।

प्रयागराज में केनरा बैंक की सिविल लाइंस की शाखा में फर्जीवाड़ा कर लोन लेने वालों तक पहुंचने का पुलिस प्रयास कर रही है।

HighLights

  1. केनरा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में हुआ था फर्जीवाड़ा

  2. सिविल लाइंस थाने में 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक की शाखा में नकली सोना रखकर 14 लोगों ने लाखों रुपये लोन लिए थे। इस मामले में पुलिस ने कई दस्तावेजों को एकत्र किया है, वहीं गोल्ड लोन लेने वालों से संपर्क भी साधने की कोशिश की गई है। उन दो स्वर्ण परीक्षकों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई, जिनकी रिपोर्ट में सोने को असली बताया गया था।

वर्ष 2023 से 2025 तक कई ने सोना रख लोन लिया था

केनरा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में वर्ष 2023 से मार्च 2025 तक बड़ी संख्या में लोगों ने सोना रखकर लोन लिया था। बैंक नियमों के तहत गिरवी रखे गए सोने की पिछले वर्ष तीन व 15 जुलाई को दो स्वर्ण परीक्षक से जांच कराई गई तो पता चला कि 14 लोगों द्वारा रखा गया सोना नकली है।

सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था

केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख सहायक महाप्रबंधक पंकज वर्मा ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें दो स्वर्ण परीक्षक विष्णु वर्मा निवासी भावापुर व कौशल किशोर वर्मा निवासी तिवारी टोला, काजीपुर, खलीलाबाद, संत कबीर नगर शामिल हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक मयंकधर द्विवेदी को सौंपी गई है।

पांच-छह लोगों के ही दस्तावेज मिले हैं

जांच अधिकारी ने मामले से जुड़े कई दस्तावेजों को एकत्र किया। कब किसने सोना रखकर कितना लोन लिया था, इसे नोट किया गया। हालांक अभी पांच-छह लोगों के ही दस्तावेज मिले हैं, जबकि अन्य के कागजात भी दो-तीन दिन में मिलने की बात कही गई। जिन लोगों के मोबाइल नंबर पुलिस को मिले हैं, उन सभी से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि गोल्ड लोन लेते समय उन्हें भी बैंक द्वारा कागजात सौंपे गए होंगे, जिसमें गिरवी रखे गए सोने के आभूषण की फोटो होगी।

पुलिस सभी बिदुओं को जांच रही

सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने इस फर्जीवाड़ा के संबंध में बताया कि मामला गंभीर है, इसलिए सभी बिंदुओं को बड़ी सक्रियता से जांचा और परखा जा रहा है। पहले दस्तावेजों को एकत्र किया जाएगा और इसके बाद संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। 

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