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चार दिन पहले से नोएडा हिंसा की स्क्रिप्ट लिख रहा था आरोपी आदित्य आनंद, AI ने खोला राज

Published: Sun, 19 Apr 2026 05:32 AM (IST)Updated: Sun, 19 Apr 2026 06:53 AM (IST)

नोएडा हिंसा का दूसरा साजिशकर्ता आदित्य आनंद घटना से चार दिन पहले से ही औद्योगिक क्षेत्रों में भड़काऊ नारे लगाकर ...और पढ़ें

आरोपित आदित्य आनंद।

आरोपित आदित्य आनंद।

HighLights

  1. आदित्य आनंद ने चार दिन पहले से हिंसा की साजिश रची।

  2. उसने भड़काऊ नारों और सोशल मीडिया का उपयोग किया।

  3. AI आधारित सॉफ्टवेयर से पहचान कर आदित्य को दबोचा गया।

जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में हिंसा का दूसरा साजिशकर्ता आदित्य आनंद घटना से चार दिन पूर्व से ही औद्योगिक क्षेत्रों में भड़काऊ नारों से साजिश रच रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़े आदित्य आनंद से पुलिस को अहम जानकारी मिली हैं।

सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को भड़की हिंसा के लिए वह पहले से ही पटकथा तैयार कर रहा था। उसने नौ अप्रैल को नोएडा फेज दो में इंकलाब जिंदाबाद लिखे बैनर श्रमिकों को दिखाने के साथ-साथ 'जाम करो, जाम करो शोषण का पहिया, मालिकों से लड़ने के लिए एक ही भैया' का नारा भी दिया था।

आदित्य ने इसे इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया था। इसके अलावा उसने एनसीआर के श्रमिकों का संयुक्त मांग पत्र भी जारी करने की बात फैलाई थी। आदित्य अभिनय की दुनिया में भी सक्रिय रहा है।

रूप बदलने के तरीके सीखे

वहीं से उसने रूप बदलने के तरीके सीखे और नोएडा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की निगाह से बचने व हिंसा के बाद तमिलनाडु तक भागने के दौरान अपनाया, लेकिन पुलिस ने विदेश भागने से पहले ही दबोच लिया।

आदित्य जब नोएडा आया था तो उसके बाल लंबे थे। 10 अप्रैल को प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान भी वह लंबे बालों में दिखा था, लेकिन 11 अप्रैल को वह प्रदर्शन में बाल कटवाकर शामिल हुआ।

पुलिस ने उसके साथी रूपेश और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाल छोटे होने से आदित्य बच गया। हिंसक प्रदर्शन की विशेष निगरानी के दौरान एआइ आधारित चेहरा पहचानने के साफ्टवेयर ने आदित्य की पोल खोल दी।

कई बार कपड़े बदले

इसके बाद आदित्य की तलाश शुरू की गई तो वह टोपी लगाए नजर आया। पुलिस ने उसके भागने के रूट को खंगाला तो वह कहीं पर टीशर्ट तो कहीं शर्ट पहने नजर आया। पुलिस को चकमा देने को उसने दिल्ली से तमिलनाडु तक कई बार कपड़े बदले।

एनआइटी भुवनेश्वर से इंजीनियरिंग कर चुका आदित्य एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ दी और मजदूर बिगुल संगठन से जुड़ गया। वह इस संगठन का रिपोर्टर होने का परिचय देकर 2022 से फैक्ट्रियों में जा रहा था और वहां श्रमिकों को भड़काता था।

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