नोएडा हिंसा के बाद श्रमिकों के शोषण पर एक्शन: 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद, 42 ब्लैकलिस्ट होने की कगार पर
नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद श्रम विभाग ने 42 और ठेकेदारों को लाइसेंस रद्द करने और ब्लैकलिस्ट ...और पढ़ें

नाेएडा हिंसा के बाद दोषी ठेकेदारों पर एक्शन। फोटो: आर्काइव
HighLights
श्रम विभाग ने 42 और ठेकेदारों को नोटिस जारी किया
न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम भुगतान में अनियमितताएँ पाई गईं
कुल 245 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द होंगे, ब्लैकलिस्ट होंगे
जागरण संवाददाता, नोएडा। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन मामले में शुक्रवार को श्रम विभाग ने वेतन व ओवरटाइम भुगतान में अनियमितताएं पाए जाने पर 24 फैक्ट्रियों के 203 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए थे।
इनमें से शनिवार को 10 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आया है कि ठेकेदार श्रमिकों को दोगुना दर से ओवरटाइम का भुगतान नहीं कर रहे थे।
42 और ठेकेदारों को नोटिस जारी
पीएफ और ईएसआइसी में भी गड़बड़ी की जा रही थी। वहीं, 42 और ठेकेदारों को लाइसेंस निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस कंपनियों और फैक्ट्रियों के बाहर प्रदर्शन हुए उनके ठेकेदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जांच में ठेकेदारों की कमियां उजागर हो रहीं हैं। यह ठेकेदार श्रमिकों को ओवरटाइम का सामान्य दर से भुगतान कर रहे थे।
समय पर वेतन नहीं देने की है शिकायत
समय पर वेतन नहीं देने की सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आ रहीं हैं। जांच में अब तक 245 ठेकेदारों को लाइसेंस निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने के नोटिस जारी हो चुके हैं। अन्य फैक्ट्रियों और कंपनियों के ठेकेदारों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
सोमवार तक नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई होगी। श्रमिकों के वेतन और उसके भुगतान को लेकर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कंपनी-फैक्ट्री या ठेकेदार पर सीधे तौर पर कार्रवाई होगी। एक अप्रैल से श्रमिकों का बढ़ा हुआ वेतन मान्य है और इसी दर से भुगतान करना होगा।
