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नोएडा हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद तमिलनाडु में धराया, विदेश भागने की फिराक में था

Published: Sun, 19 Apr 2026 12:27 AM (IST)

औद्योगिक क्षेत्रों में हिंसा भड़काने वाले इंजीनियर आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. आदित्य आनंद, नोएडा हिंसा का दूसरा बड़ा चेहरा गिरफ्तार।

  2. एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक, एक लाख का इनामी था।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आंदोलन की आड़ में हिंसा भड़काने वाले दूसरे सबसे बड़े चेहरे, इंजीनियर आदित्य आनंद उर्फ 'रस्टी' को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से उसे दबोचा।
 

पहचान छिपाने के लिए कटवाए बाल 

आदित्य पर एक लाख रुपये का इनाम और गैर-जमानती वारंट घोषित था। पुलिस से बचने के लिए आदित्य ने अपने बाल कटवा लिए थे ताकि हुलिया बदला जा सके। 
 
वह चेन्नई में पहचान छिपाकर रह रहा था और शनिवार को ट्रेन से केरल जाने की फिराक में था। सूत्रों के मुताबिक, वह केरल से समुद्र के रास्ते विदेश भागने की योजना बना चुका था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने ऐन वक्त पर उसकी साजिश को नाकाम कर दिया।
 

एनआइटी जमशेदपुर से बीटेक और 'नक्सली' विचारधारा का प्रभाव

बिहार के हाजीपुर का रहने वाला आदित्य आनंद एनआइटी (NIT) जमशेदपुर से बीटेक डिग्रीधारी है। जून 2025 में नोएडा आने के बाद उसने कई कट्टरपंथी संगठनों जैसे मजदूर बिगुल, दिशा स्टूडेंट संगठन और भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी के साथ मिलकर नेटवर्क बनाया।
 

हिंसा की साजिश और 'डिजिटल' भड़काऊ नेटवर्क 

आदित्य ने मुख्य आरोपी रूपेश राय के साथ मिलकर 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच हिंसा की साजिश रची थी। 11 अप्रैल को रूपेश और मनीषा की गिरफ्तारी के बाद आदित्य नोएडा से दिल्ली और फिर वहां से चेन्नई फरार हो गया था। 
 
जांच में सामने आया है कि उसने श्रमिकों को उकसाने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।
 

अब फंडिंग और नेटवर्क की होगी जांच 

पुलिस अब आदित्य और रूपेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस की मुख्य प्राथमिकता इनके मोबाइल चैट, नेटवर्क और देश-विदेश से मिल रही फंडिंग का खुलासा करना है। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने आदित्य को तमिलनाडु में पनाह दी और विदेश भागने में मदद की।

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