नोएडा हाई अलर्ट पर: 36 सेंसिटिव जोन में सुरक्षा कड़ी, 12 जिलों के 6000 जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों में पुलिस ने 400 लोगों को ...और पढ़ें

सेक्टर 121 गढ़ी चौखंडी गांव के बाहर हुए हंगामा के बाद तैनात पुलिस बल। जागरण

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जागरण संवाददात, नोएडा। वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों पर नोएडा के तीन औद्याेगिक क्षेत्रों में हुए हिंसक प्रदर्शन व आगजनी की घटना में पुलिस ने 400 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
मंगलवार को फेज-दो समेत अन्य स्थानों पर छिटपुट बवाल व पथराव में 100 से ज्यादा आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की कार्रवाई करने की बात कही है।
अधिकारियों ने 36 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर विभिन्न स्थानों पर 12 जिलों की पुलिस व अर्धसैनिक बलों के छह हजार जवान तैनात किए हैं।
सात मुकदमे दर्ज
पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर गलत वीडियो प्रसारित कर माहौल खराब करने पर विभिन्न थानों में सात मुकदमें दर्ज किए हैं। पुलिस आयुक्त ने श्रमिकों से शांति की अपील कर नौकरी पर लौटने के दौरान सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हाई पावर कमेटी की प्रेसवार्ता में अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकृति दे दी है जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में न्यूनतम वेतन में सबसे अधिक 21 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।
वहीं अन्य जिलों में भी वेतन बढ़ाया गया है। वहीं बुधवार को सभी इंडस्ट्री खोली जाएंगी। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12 जनपदों से फोर्स मंगाया है।
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20 हजार श्रमिकों के एकजुट होने की जानकारी
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह व जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उधर यह भी जानकारी आ रही है कि नोएडा फेज दो स्थित मदरसन फैक्ट्री में 20 हजार श्रमिक एकजुट होंगे। इसको लेकर भी पुलिस अलर्ट हो गई है।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस को नोएडा में हुए बवाल के बाद कई उपद्रवियों के खिलाफ ऐसे अहम साक्ष्य मिले हैं, जाे विभिन्न राज्यों में तोड़फोड़, आगजनी व हिंसक प्रदर्शन में शामिल रहते हैं।
पाकिस्तानी साजिश का शक
पुलिस अधिकारी बवाल में पाकिस्तान और शाहीनबाग में बैठे हुक्मरान द्वारा साजिश रचने व विदेशी फंडिंग होने की आशंका मान रहे हैं, लेकिन अभी तक इसके ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच में सिर्फ कम्यूनिस्ट विचार धारा के लोगों द्वारा श्रमिकों को हिंसक आंदोलन के लिए उकसाए जाने की बात सामने आ रही है।
पुलिस ने विभिन्न स्थानों से पकड़े आरोपितों 70 ऐसे हैं, जो नौकरी-पेशा या किसी ईकाई से नहीं जुड़े थे। जांच टीम इनका रिकार्ड खंगाल रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर संगठित गिरोह द्वारा लोगों को भड़काने के सुराग मिले हैं।
इनमें दो संगठनों के अराजक तत्वों के खिलाफ साक्ष्य भी मिल गए हैं। पुलिस टीमें वीडियो, फोटो और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से आरोपितों की तलाश में जुटी है।
फ्लैग मार्च के बीच शुरू हुआ पथराव
फेज-दो के होजरी काम्पलेक्स में पुलिस मंगलवार सुबह पांच बजे से विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च कर रही थी। करीब छह बजे नजदीकी गांव के 300-400 लोगों ने एकत्रित होकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को नजदीक आते देखकर पथराव किया।
इसके बाद अर्धसैनिक बलों के जवानों ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। फेज-दो में अराजक तत्वों ने हिंसक प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने सभी को तितर-बितर कर दिया। 50 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
36 संवेदनशील प्वाइंट चिह्नित
तीन औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा सड़क पर उतरे हुए थे।
दोपहर तीन बजे विभिन्न स्थानों पर फ्लैग कर स्थिति का जायजा लिया। शहर को 36 संवेदनशील प्वाइंटों में चिह्नित कर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया है। मथुरा, हापुड़, आगरा, गाजियाबाद और अलीगढ़, गोंडा पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बल मिलाकर करीब छह हजार जवान हैं।
कमिश्नर ने हर चौकी क्षेत्र में 50 पुलिसकर्मी लगाए हैं। दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी व एक क्षेत्राधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम से अधिकारी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर बनाए हैं।
खंगाले जाएंगे संगठन के खाते
पुलिस आयुक्त का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। आरोपितों की तलाश जारी है। विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
संदिग्ध आरोपितों की पहचान कर उनके खातों की भी जांच की जाएगी। पुलिस को बाहर से फंडिंग होने का भी इनपुट मिला है। विभिन्न राज्यों में हुए दंगे की वीडियो-फुटेज से नोएडा में बवाल करने वाले आरोपितों को भी मिलान करा रहे हैं। विभिन्न राज्यों से अराजक तत्वों के शामिल होने के इनपुट मिले हैं।
