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नोएडा-गाजियाबाद के 21 लाख से अधिक श्रमिकों को मिलेगा बढ़े हुए वेतन का लाभ, 37 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत

Published: Tue, 14 Apr 2026 10:21 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 37 लाख से अधिक श्रमिकों को बढ़े हुए वेतनमान का लाभ मिलेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा गौतमबुद्धनगर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. UP में 37 लाख से अधिक श्रमिकों को मिलेगा बढ़ा वेतन।

  2. नोएडा-गाजियाबाद के 21 लाख से ज्यादा श्रमिकों को सीधा लाभ।

  3. 74 उद्योगों के कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान तय।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में बढ़े हुए वेतनमान का सबसे बड़ा फायदा औद्योगिक हब बने गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के श्रमिकों को मिलेगा। इन दोनों जिलों में ही आधे से ज्यादा श्रमिक कार्यरत हैं। वेतन वृद्धि का सबसे ज्यादा असर यहीं दिखाई देगा। प्रदेश में 32,124 फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। इन फैक्ट्रियों में करीब 37 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।

औद्योगिक दृष्टि से सबसे आगे गौतमबुद्धनगर है, जहां 8,908 फैक्ट्रियों में 17,87,667 श्रमिक काम कर रहे हैं। दूसरे स्थान पर गाजियाबाद है, जहां 3,955 फैक्ट्रियों में 3,61,772 श्रमिक कार्यरत हैं। इन दोनों जिलों में ही 21 लाख से अधिक श्रमिक हैं, जिन्हें बढ़े हुए वेतनमान का सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा जिलों में केंद्रित है। ऐसे में वेतन बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर भी इन्हीं औद्योगिक जिलों में देखने को मिलेगा, जबकि छोटे जिलों में इसका प्रभाव सीमित रहेगा।



प्रदेश के शीर्ष पांच जिले (फैक्ट्री व श्रमिक संख्या)

जिला - फैक्ट्री - श्रमिक
गौतमबुद्धनगर- 8,908- 17,87,667
गाजियाबाद- 3,955-3,61,772
कानपुर नगर- 1,934- 1,44,572
आगरा- 1,374- 1,45,381
मेरठ - 1,349- 84,159


सबसे कम फैक्ट्रियों वाले जिले

 

जिला- फैक्ट्री- श्रमिक
चित्रकूट- 8- 222
श्रावस्ती- 16- 373
सिद्धार्थनगर- 20- 642
बांदा- 21- 494
कासगंज- 30- 1666



74 उद्योगों के श्रमिकों के लिए तय हुआ नया वेतन



न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए मूल वेतन दर और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता तय किया गया है। इनमें रबर, प्लास्टिक, मिष्ठान (मिठाई), एरोटेड ड्रिंक्स, फलों के जूस का निर्माण, प्लाइवुड, पेट्रोल पंप, डेयरी, सिले कपड़ों का निर्माण, बांध और तटबंध निर्माण, ढलाई घर, धातु उद्योग, टिन प्रिंटिंग और ऐसे इंजीनियरिंग उद्योग शामिल हैं जहां 50 से कम कर्मचारी काम करते हैं।

इसके अलावा चर्म शोधनशाला, चर्म वस्तु, होजरी, निजी पुस्तकालय, फर्नीचर, प्राइवेट कोचिंग, तंबाकू, धर्मशाला, दुकान व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, तेल मिल, आटोमोबाइल रिपेयर, पत्थर तोड़ने का काम, माचिस उद्योग, आइसक्रीम फैक्ट्री, कोल्ड स्टोरेज, निजी प्रिंटिंग प्रेस, सिनेमा उद्योग, कपड़ा छपाई, सिलाई उद्योग, क्लब, हथकरघा, पावरलूम, मिनिएचर बल्ब, काल सेंटर, घरेलू कामगार, ताला उद्योग, पीतल के बर्तन, खांडसारी और कंप्यूटर हार्डवेयर जैसे कई अन्य उद्योग भी शामिल हैं।

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