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नोएडा में 'ऑपरेशन फास्ट' शुरू, मिनटों में अस्पताल पहुंचेगा एंबुलेंस; जाम से बचने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

Published: Fri, 30 Oct 2026 10:51 PM (IST)

नोएडा में 'ऑपरेशन फास्ट' शुरू किया गया है ताकि एंबुलेंस को जाम से बचाकर गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. एंबुलेंस को जाम से बचाने 'ऑपरेशन फास्ट' शुरू।

  2. 24 घंटे एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल स्थापित।

  3. गंभीर मरीजों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाना लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, नोएडा। एंबुलेंस से जा रहे किसी भी मरीज के लिए जाम जिंदगी और मौत के बीच का फासला नहीं बनेगा। एंबुलेंस को जाम में फंसने से बचाने के लिए गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने आपरेशन फास्ट शुरू किया है।

इसके तहत मरीज, ट्रामा पीड़ित और सड़क दुर्घटना में घायलों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस के लिए विशेष ट्रैफिक क्लियरेंस व्यवस्था रहेगी। सूचना मिलने पर एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी रास्ते में पहले से मोर्चा संभालेंगे।

तैयार हो रहा एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल

इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम में 24 घंटे समर्पित एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल स्थापित किया जा रहा है। इसके तहत 9218981716 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। पहल से जिले के बड़े-बड़े व प्रमुख अस्पतालों को जोडा गया है और उनको नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उधर, यह पहल जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना से भी जुड़ी है।

जानलेवा परिस्थिति में मरीजों को मिलेगी मदद

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पहल को डीसीपी मुख्यालय शैव्या गोयल और डीसीपी यातायात सैयद अली अब्बास ने शोध के बाद तैयार किया है। इसका मकसद मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के अस्पताल पहुंचाना है। खासकर हृदयाघात, अंग ट्रांसप्लांट, गंभीर रूप से घायल, अत्यधिक रक्तस्राव और अन्य जानलेवा परिस्थिति से गुजर रहे मरीज को।

इसके लिए अस्पतालों से समन्वय किया जा रहा है। किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस को ट्रैफिक सहायता की जरूरत होती है तो अस्पताल कंट्रोल रूम या एंबुलेंस कर्मी सूचना दे सकेंगे। उन्हें एंबुलेंस की मौजूदा लोकेशन, अस्पताल का पता और रूट की जानकारी देनी होगी।

कैसे काम करेगा पूरा सिस्टम?

सूचना मिलते ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम संबंधित मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों को अलर्ट करेगा। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रित करने की तैयारी कर ली जाएगी। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल का अस्थायी प्रबंधन किया जाएगा।

विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों को रोकने और वैकल्पिक रास्तों से यातायात निकालने की व्यवस्था भी होगी। इस पूरी व्यवस्था को रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस मैकेनिज्म पर तैयार किया गया है। इसमें एंबुलेंस के आगे बढ़ने के साथ ही यातायात क्लियर रहेगा। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) से भी रास्ता खाली करने की सूचना दी जाएगी।

किया जा चुका है ट्रायल

यातायात पुलिस इसके लिए ट्रायल भी करा चुकी है। खाली एंबुलेंस को चिल्ला बार्डर से मैक्स अस्पताल और फोर्टिस अस्पताल तक 10 मिनट में पहुंचाया जा चुका है।

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