दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ी सख्ती, नोएडा के 1.50 लाख वाहनों पर संकट; जांच के लिए 4 टीमें तैनात
दिल्ली में प्रदूषण नियंंत्रण के लिए 1 नवंबर से बीएस-4 समेत इससे कम श्रेणी के वाहनों रोक लगाई गई है। ...और पढ़ें

दिल्ली में अवैध वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए चार टीमें तैनात। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
दिल्ली में BS-3 और BS-4 वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित।
नोएडा में 1.5 लाख से अधिक ऐसे वाहन मौजूद।
चार प्रवर्तन टीमें सीमाओं पर कर रहीं निगरानी।
जागरण संवाददाता, नोएडा। दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-4 समेत इससे कम श्रेणी के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंध हैं। नोएडा में एक लाख बीएस-4 और 51 हजार बीएस-3 श्रेणी के वाहन हैं। अन्य जिले और राज्यों आने वाले वाहन नोएडा से होकर दिल्ली को जाते हैं।
ऐसे में जिले की चारों ओर की सीमाओं से वाहनों पर नजर रखना परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल की चार टीमों के सामने सबसे बडी चुनौती होगी।
वाहनों पर नजर रखने के लिए चार टीमें तैनात
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग एक लाख बीएस-4 और 51 हजार से अधिक बीएस-3 श्रेणी के वाहन पंजीकृत हैं। नियमों की अनदेखी कर दिल्ली में घुसने की कोशिश करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए प्रवर्तन दल की चार टीमें नाकाफी साबित होंगी।
व्यस्त मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकार जांच
डीएनडी फ्लाइवे, चिल्लार, कालिंदी कुंज, न्यू अशोक नगर और कोंडली बार्डर जैसे व्यस्त मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की श्रेणी की जांच की जा रही है। इन मुख्य रास्तों से हर रोज लाखों लोग दिल्ली आते-जाते हैं, जहां अब सिर्फ मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को ही आगे जाने की अनुमति मिल रही है।
दिल्ली के आसपास के जिलों से वाहनों का आवागमन
गौतमबुद्ध नगर में केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य जिलों और राज्यों से भी वाहनों का भारी आवागमन होता है। गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़ और फरीदाबाद व पलवल की तरफ से बड़ी संख्या में मालवाहक और निजी गाड़ियां नोएडा की सीमा में दाखिल होती हैं।
ऐसे में बाहर से आकर दिल्ली की ओर जाने वाले गैर-मानक वाहनों को भी जिले के प्रवेश बिंदुओं पर ही रोकने की तैयारी की गई है। एआरटीओ नन्द कुमार ने बताया कि प्रवर्तन टीमें निगरानी कर रहीं हैं। टीमें जिले में प्रवेश करने से पहले ही ऐसे वाहनाें को रोक रही है। निर्देशों के अनुपालन में यातायात पुलिस का सहयोग भी लिया जा रहा है।
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