नोएडा में हिंसा खत्म, लेकिन बर्बादी के निशान बाकी: 70% श्रमिक काम पर लौटे, DM ने लगवाए वेतन वृद्धि के बोर्ड
नोएडा में श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन समाप्त हो गया है, और लगभग 70% कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। पुलिस ...और पढ़ें

नोएडा सेक्टर-63 जे-14 स्थित विपुल मोटर्स के बाहर खड़े वाहनों को उपद्रवियों ने जलाया। सौरभ राय (सभी तस्वीरें)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नोएडा। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन का दौर अब खत्म हो चका है। पुलिस और जिला प्रशासन ने हर कदम पर पहरा लगा रखा है। बीते दो दिन कई तरह की उठापटक देखी गई। श्रमिकों की उग्र भीड़ कई कंपनियों को निशाना बनाया। कई जगहों पर तोड़फोड़ की। कई जगहों को जबरन बंद कराया। आज जब औसतन 70 प्रतिशत कर्मचारी काम पर लौटे तो लोगों को महान गीतकार गोपाल दास नीरज का लिखा गीत 'कारवां गुजर गया...गुबार देखते रहे...' याद आ रहा है। वहीं, डीएम के आदेश पर श्रमिकों को जागरूक करने के लिए कंपनियों के गेट व प्रमुख चौराहों पर नोटिस चस्पा कर दी गईं।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दरअसल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई इमारतों आदि पर किए गए पथराव के बाद हुई क्षति हंगामे की भयावहता को दर्शा रही है। लोग अब इसकी चर्चा कर रहे हैं। सबकुछ सामान्य होने के बीच में पुलिस और पीएसी जवानों का पैदल मार्च जारी है। हालांकि, बुधवार को भी कुछ जगहों पर
कार को कर दिया आग के हवाले

नोएडा के सेक्टर-63 स्थित सर्विस सेंटर के बाहर एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। पूरी गाड़ी धू-धूकर जलकर राख हो गई। इस घटना में गाड़ी मालिक की आजीविका का एकमात्र सहारा खत्म हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गाड़ी मालिक की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा थी।
कई महीनों की मेहनत और कड़ी मेहनत से कमाई गई इस गाड़ी को जलाकर राख कर दिया गया, जिससे मालिक पर आर्थिक संकट आ गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मारुति के सर्विस सेटर पर मचाया था तांडव

नोएडा के सेक्टर-63 में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद बर्बादी के निशान अब भी साफ दिखाई दे रहे हैं। मारुति सुजुकी के अधिकृत सर्विस सेंटर विपुल मोटर्स के बाहर और आसपास खड़ी कई गाड़ियों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। वहीं, इमारत की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए थे। सोमवार को हिंसक प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने सर्विस सेंटर पर हमला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने शोरूम परिसर में खड़ी 4 से 5 गाड़ियों में आग लगा दी, जिससे वे पूरी तरह जलकर राख हो गई थीं। आसपास खड़ी 20-25 अन्य गाड़ियों के शीशे तोड़े गए थे और पत्थर मारकर भारी नुकसान पहुंचाया गया था।
इमारतों पर की गई थी पत्थरबाजी
इमारत की बड़ी-बड़ी खिड़कियों के शीशे बिखरे पड़े हैं, जो उपद्रव की तीव्रता को दर्शाते हैं।स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी लाठियों और डंडों से लैस थे। उन्होंने सर्विस सेंटर में घुसकर तोड़फोड़ की और गाड़ियों को निशाना बनाया। आग लगने से पूरे इलाके में धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाई। पुलिस ने घटनास्थल पर भारी बल तैनात कर दिया है।

इस बीच सेक्टर-63, 57, 58, 59 और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और दोषियों पर रासुका समेत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पिछले कई दिनों से चल रहे श्रमिक आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें अब तक कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
समस्त औद्योगिक क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों एवं जनपद के विभिन्न स्थानों पर शासन द्वारा की गई वेतन वृद्धि संबंधी सूचना चस्पा कर दी गई है।इसके माध्यम से सभी श्रमिक अपने वेतन में हुई वृद्धि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।श्रमिकों सेअनुरोध है कि वे संबंधित सूचना का अवलोकन अवश्य करें pic.twitter.com/ymnwhSibR5
— DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) April 15, 2026
नोएडा में वेतन वृद्धि संबंधी सूचना बोर्ड चस्पा, श्रमिक ने कहा-अधूरा
जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर ने श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर जारी शासनादेश की जानकारी अब हर औद्योगिक इकाई तक पहुंचा दी है। सेक्टर-63, 57, 58, 59 समेत समस्त औद्योगिक क्षेत्रों और जनपद के विभिन्न स्थानों पर वेतन वृद्धि संबंधी सूचना बोर्ड चस्पा कर दिए गए हैं।
इन नोटिसों के माध्यम से अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिक अब अपनी नई वेतन दरों की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
डीएम ने सभी श्रमिकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे इन सूचनाओं का अवलोकन अवश्य करें और अपनी मांगों के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। यह कदम नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चले लंबे प्रदर्शन के बाद शांति स्थापित करने और श्रमिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में प्रशासन का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
हालांकि, कुछ श्रमिक संगठनों ने इन बैनरों को अधूरा बताते हुए शिकायत निवारण तंत्र, कार्य घंटे और पीएफ-ईएसआई की स्पष्ट जानकारी की मांग की है।
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