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नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन के छठे दिन काम पर लौट रहे कामगार, पुलिस के सख्त पहरे के बीच अफवाहों का बाजार गर्म

Published: Wed, 15 Apr 2026 09:17 AM (IST)Updated: Wed, 15 Apr 2026 09:25 AM (IST)

नोएडा में श्रमिकों के वेतन वृद्धि प्रदर्शन का छठा दिन है। धीरे-धीरे कामगार काम पर लौट रहे हैं, जबकि पुलिस ...और पढ़ें

HighLights

  1. छठे दिन नोएडा के श्रमिक काम पर लौटे।

  2. पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

  3. मासिक खर्चों की चिंता से श्रमिक वापस काम पर।

डिजिटल डेस्क, नोएडा। महंगाई के मद्देनजर वेतन बढ़ाने के लिए नोएडा के श्रमिकों की ओर से शुरू किए गए प्रदर्शन का बुधवार को छठा दिन है। दिन की शुरुआत में जहां नोएडा में सन्नाटा सा लग रहा था। वहीं, दिन चढ़ते ही धीरे-धीरे कामगार काम पर लौटते दिख रहे हैं। चौराहों पर लोगों की आवाजाही सामान्य होती दिख रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर तैनाती के साथ ही जगह-जगह बेरिकेडिंग की गई है। लोगों के अनावश्यक भीड़ लगाने पर भी पाबंदी बरती जा रही है। 

अफवाहों का बाजार 

नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद से अब तक अफवाहों का बाजार गर्म है। लोग अफवाहों की चर्चा कर रहे हैं। किराने की दुकान चलाने वाले विष्णु शर्मा ने कहा कि उनकी दुकान पर एक युवक आया और बोला कि आज भी मजदूरों का प्रदर्शन जारी है। उसने एक जगह पर आगजनी की बात की। बाद में उक्त क्षेत्र में अपने किसी परिचित से पूछने पर पता चला कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ है। यह एक उदाहरण मात्र है। वर्तमान में नोएडा में ऐसे ही अफवाहों का बाजार गर्म है। हालांकि, पुलिस ने हर तरफ बारीक निगाह बना रखी है। ऐसी अफवाहों का खंडन भी किया जा रहा है। 

...तो उपद्रवियों ने क्या छोड़ दिया शहर?

नोएडा में उग्र प्रदर्शन को अंजाम देने वालों और उकसाने वालों पर पुलिस की नजरें टिक गई हैं। वायरल वीडियोज और अन्य श्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ऐसे उपद्रवियों की धरपकड़ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तारी के भय से शांतिपूर्वक चल रहे प्रदर्शन में हिंसा भड़काने वाले शहर से भाग गए हैं। जिले में शांति स्थापित होने के पीछे यह भी एक बड़ा कारण है। 

अब सता रहे महीने के खर्चे 

बीते पांच दिन तो आंदोलन-प्रदर्शन की आपाधापी में कट गए। अब श्रमिकों को अपनी रोजमर्रा के खर्च परेशान कर रहे हैं। वे जीवनयापन के जरूरी खर्चों को लेकर चिंतित हो रहे हैं। ऐसे में वे काम पर लौट रहे हैं। एक मजदूर ने बातचीत में कहा कि प्रदर्शन और धरना देना जरूरी है लेकिन महीने के खर्च को भी देखना है। मकान का किराया और बच्चों की फीस तो देनी ही है। इस तरह से काम बंद करके कब तक घर में रह सकते हैं? 

उद्यमियों को सता रही व्यापार की चिंता

मिडिल ईस्ट में संकट के बीच घटे व्यापार की मार झेल रहे नोएडा के उद्यमियों को श्रमिकों का प्रदर्शन भारी पड़ गया है। लंबे समय से कम वेतन पर लोगों से काम कराने के चलते भड़का आक्रोश अब उनके व्यापार को प्रभावित कर रहा है। बड़े नुकसान के साथ ही ठप्प पड़े उद्योग को देखते ही व्यापारियों की बेचैनी बढ़ गई है। वे सुरक्षा को लेकर भी पुलिस और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। अंतत: बुधवार को शांत होते माहौल को देखते हुए उनकी भी चिंताएं कम हो रही होंगी।

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