Noida Crime: एप और पोर्टर से गांजा सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने सरगना समेत तीन को दबोचा
नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन बुकिंग और पोर्टर के माध्यम से गांजा सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन ऑर्डर लेता था और पोर्टर से डिलीवरी करता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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सेक्टर 14 ए स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते डीसीपी यमुना प्रसाद, पीछे खड़े सेक्टर-113 पुलिस की गिरफ्त में आरोपित। जागरण
जागरण संवाददाता, नोएडा। एप पर ऑनलाइन बुकिंग और पोर्टर से गांजा आपूर्ति करने वाले गिरोह का सेक्टर 113 थाना पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने सरगना समेत तीन को तस्करों को एफएनजी सर्विस रोड से दबोचा। उनके पास से ओजी, मैंगो, शिलोंग जैसी किस्म का 10 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरोह पर शिकंजा कसा। पुलिस आरोपितों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
नोएडा पुलिस को सूचना मिली कि शहर के कई हिस्सों में गांजे की आनलाइन आपूर्ति हो रही है। एसीपी टि्वंकल जैन के नेतृत्व में एक टीम तस्करों की तलाश में थी। टीम ने शनिवार को तीन संदिग्ध को एफएनजी रोड से दबोच लिया। डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि आरोपितों की पहचान कन्नौज के रोहिली गांव के योगेंद्र प्रताप सिंह, बिहार नालंदा के चरघाट गांव के सूरज उर्फ रुद्र और हरदोई के उबरीखेड़ा गांव के शिवकेश के रूप में हुई।
तीनों वर्तमान में नोएडा के बहलोलपुर व गढ़ी चोखड़ी गांव में किराये पर रह रहे। पूछताछ में पता चला है कि 12वीं कक्षा पास योगेंद्र गिरोह का सरगना है। वह करीब पांच साल से तस्करी कर रहा है। उस पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में जेल भी जा चुका है। वह सूरज उर्फ रुद्र व शिवकेश को गिरोह में शामिल कर गांजा तस्करी कर रहा था।
गांजा उड़ीसा, आंध्रप्रदेश और शिलांग समेत पहाड़ी क्षेत्रों से मंगाया जाता। उसके बाद आनलाइन ही गांजे को पांच गुना मंहगे दाम पर खपाया जाता। एनसीआर के ग्राहकों से लोकेशन लेकर पोर्टर की मदद से आपूर्ति की जाती। इसके लिए फर्जी रशीद का भी उपयेाग होता। इससे गांजा तस्कर ग्राहक के सीधे संपर्क में भी नहीं आते। डिलीवरी करने वाले को भी पता नहीं होता था कि पैकेट के अंदर क्या है।
नौकरी छोड़ बन गया तस्कर
एडीसीपी नोएडा शैव्या गोयल ने बताया कि सरगना योगेंद्र 12वीं, जबकि सूरज हाईस्कूल और शिवकेश आईटीआई पास है। योगेंद्र नोएडा की एक फैक्ट्री में काम करता था। वहां पर स्टाफ को गांजे की आपूर्ति करता था। इससे काफी मुनाफा होने पर नौकरी छोड़कर तस्करी करने लगा। वह एनसीआर में आपूर्ति करने लगा। पिछले दिनों सूरज और शिवकेश समेत अन्य युवकों को गिरोह में शामिल कर तस्करी का दायरा बढ़ा लिया। वह मुनाफे में से 30-40 प्रतिशत तक हिस्सा लेता था।

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