नोएडा के BS-4 वाहनों की दिल्ली में 'नो एंट्री', लगाना होगा 50 KM का एक्सट्रा चक्कर; बॉर्डर पर लग सकता है भीषण जाम
दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दूसरे राज्यों से आने वाले बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर ...और पढ़ें
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1 नवंबर 2026 से नोएडा के बीएस-4 वाहनों की बढ़ेगी मुश्किलें। फोटो- जागरण आर्काइव
HighLights
नोएडा के बीएस-4 वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित।
यात्रियों को 50 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
इस पाबंदी से प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई।
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। प्रदूषण नियंत्रण के कारण दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक नोएडा में पंजीकृत 1.51 लाख बीएस-4 श्रेणी तक के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। दिल्ली में पंजीकृत इसी श्रेणी के वाहन सड़कों पर चल सकेंगे। गैर राज्यों के बीएस-6 पंजीकृत या सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश मिलेगा।
इसको नोएडा के निवासियों ने दोहरी नीति बताया है। देहरादून-हरियाणा जाने वाले ऐसे वाहनों की दिल्ली में पाबंदी से दूसरे वैकल्पिक मार्गों से होकर जाएंगे। इससे 50 किमी तक का प्रदूषण बढेगा। इससे प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाए बढेगा।
वैध प्रदूषण के बाद भी नहीं मिलेगा रास्ता
जिले में बीएस-4 श्रेणी तक के पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.51 लाख है। 1.40 लाख गाड़ियों की निर्धारित आयु सीमा अभी बाकी है और उनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र भी मौजूद है। इसके विपरीत, इसी श्रेणी के दिल्ली नंबर वाहन राजधानी की सड़कों पर बिना रोकटोक चलने के साथ नोएडा में आ जा सकेंगे।
दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ी पाबंदियां
नोएडा के वैध वाहनों के लिए दिल्ली की सीमाएं बंद कर दी गई हैं। नोएडा से देहरादून, चंडीगढ़, अंबाला, रोहतक व पानीपत जाने के लिए रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता है।
अब प्रवेश प्रतिबंधित होने से चालकों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) होकर गुजरने से 45 से 50 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा। अतिरिक्त दूरी तय करने से अधिक ईंधन की खपत के साथ धुआं उत्सर्जन से प्रदूषण का स्तर भी बढेगा।
जांच से जाम का अंदेशा
चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज बार्डर पर गैर-बीएस-6 वाहनों की जांच अभियान चलाया जाएगा। पीक आवर्स में वाहनों के दस्तावेज जांचने से सीमाओं पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग सकतीं हैं।
पहले दिन रविवार होने के चलते राहत जरूर नजर आ सकती है। दूसरे दिन सोमवार होने को वाहन और कामकाजी लोगों के वाहनों के दवाब के चलते जाम की स्थिति बन सकती है।
मेरी गाड़ी 2020 माडल की है और सारे कागजात दुरुस्त हैं। मुझे हर हफ्ते जरूरी कामकाज से देहरादून जाना पड़ता है। दिल्ली होकर सीधा हाईवे मिलता था, लेकिन अब बागपत और लोनी के रास्ते घूमकर जाना पड़ रहा है। रास्ते का अतिरिक्त फेरा समय और जेब दोनों पर भारी पडेगा।
- अमित गुप्ता, शरहवासी
मेरा पास बीएस-4 वाहन है। दिल्ली कार्यालय जाना पड़ता है। मेरे लिए हर रोज नजदीकी मेट्रो स्टेशन पहुंचना और उसके बाद दफ्तर आसान नहीं है। सरकार को बीएस-4 वाहनों में कार पूलिंग की छूट देनी चाहिए। हम लंबे समय से कार पूलिंग कर रहे हैं। इससे मेरा आर्थिक बोझ भी कम होता है।
बृजेश शर्मा, शहरवासी
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