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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Greater Noida: किसानों से बनी बात, जल्द जुड़ेंगे यमुना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे; सफर होगा आसान

By Arvind MishraEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Mon, 21 Aug 2023 07:53 AM (IST)

Greater Noida News 2023 में प्राधिकरण व किसानों के बीच इस मुद्दों को लेकर सहमति बनी तो सात प्रतिशत आबादी ...और पढ़ें

किसानों से बनी बात, जल्द जुड़ेंगे यमुना व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
किसानों से बनी बात, जल्द जुड़ेंगे यमुना व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे

HighLights

  1. जगनपुर अफजलपुर गांव के नजदीक बनेगा इंटरचेंज
  2. दोनों एक्सप्रेस वे के बीच वाहनों की आवाजाही होगी आसान

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे व यमुना एक्सप्रेस-वे को जाेड़ने के लिए इंटरचेंज निर्माण का पेच सुलझ है। यमुना प्राधिकरण व प्रभावित किसानों के बीच आबादी भूखंड को लेकर सहमति बन गई है। प्राधिकरण किसानों को एक्सप्रेस वे के नजदीक आबादी भूखंड आवंटित करेगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।

जगनपुर अफजलपुर गांव के नजदीक बनेगा इंटरचेंज 

ईस्टर्न पेरिफेरल व यमुना एक्सप्रेस वे को जोड़ने के लिए जगनपुर अफजलपुर गांव के नजदीक इंटरचेंज का निर्माण होगा। यमुना प्राधिकरण ने इसके लिए दिल्ली की देव कंपनी को 2019 में काम सौंपा था।

80 करोड़ की लागत से इंटरचेंज का निर्माण 18 माह में होना था, लेकिन किसानों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों के बराबर 35 सौ रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा,

आदि की मांग को लेकर पेच फंस गया। 2023 में प्राधिकरण व किसानों के बीच इस मुद्दों को लेकर सहमति बनी तो सात प्रतिशत आबादी भूखंड को लेकर किसान असहमत हो गए। प्राधिकरण किसानों को सेक्टर 25 में आबादी भूखंड देना चाहता था, लेकिन किसान एक्सप्रेस वे के नजदीक भूखंड की मांग करने लगे और इंटरचेंज का निर्माण शुरू होने में फिर पेच फंस गया।

अब प्राधिकरण ने किसानों की मांग पर सहमति जताते हुए एक्सप्रेस वे के नजदीक सात प्रतिशत आबादी भूखंड देगा। इसके एवज में किसानों ने इंटरचेंज का निर्माण शुरू कराने पर स्वीकृति दे दी है। प्राधिकरण ने 350 किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड के लिए 77 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के लिए दोनों एक्सप्रेस वे को इंटरचेंज बनाकर जोड़ने की योजना है। इससे पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा के जिलों के लिए एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। इंटरचेंज निर्माण के लिए किसानों के सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

- डॉ. अरुणवीर सिंह, प्राधिकरण सीईओ