Income Tax Raid: काउंटी ग्रुप के साथ उनकी सहयोगी कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर क्यों हो रही छापेमारी? यहां जानिए पूरा मामला
आयकर विभाग ने काउंटी समूह और उससे जुड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की है। नोएडा यूनिट की करीब 30 टीमें वेस्ट यूपी के अलग-अलग शहरों में काउंटी ग्रुप से जुड़े कॉरपोरेट ऑफिस में छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि मुखौटा कंपनी (शेल) के जरिये बड़ा हेरफेर करने का आरोप है। कैश में ट्रांजेक्शन के जरिये टैक्स की चोरी की जा रही है।

जागरण संवाददाता, नोएडा। काउंटी समूह और उससे जुड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकानों पर आयकर की सर्च जारी है। बुधवार को नोएडा यूनिट की करीब 30 टीमें वेस्ट यूपी के अलग-अलग शहरों में काउंटी ग्रुप से जुड़े कॉरपोरेट ऑफिस में छापेमारी कर रही हैं।
माना जा रहा है कि मुखौटा कंपनी (शेल) के जरिये बड़ा हेरफेर किया गया है। कैश में ट्रांजेक्शन दिखाया गया है। समूह बड़े बड़े व महंगे फ्लैट बनाकर बेचता है, जिकी बाजार में ब्रांड वैल्यू काफी बेहतर है।
इसलिए तमाम बिल्डरों की परियोजनाओं में समूह को डेवलपर के रूप में शामिल किया गया है। इस मामले पर कंपनी से संपर्क किया गया, जिस पर प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई की बात निराधार है।
फाइल फोटो।
टैक्स में हेराफेरी की मिली थी जानकारी
काफी दिनों से कंपनी के अकाउंट पर आयकर की नजर थी। पुख्ता साक्ष्य और टैक्स में हेराफेरी की जानकारी मिलने पर सर्च की कार्रवाई की गई। सर्च सुबह करीब आठ बजे एक साथ शुरू की गई। इसमें नोएडा के अलावा अन्य स्थानों के विभाग से लाजिस्टिक लिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नोएडा में इसके चार बड़े प्रोजेक्ट है, जिसमें एक पूरा है। हालांकि इसमें किसी का भी मूल आवंटन काउंटी के नाम नहीं है। तीनों बड़े प्रोजेक्ट में यह को-डेवलपर है। इसमें फ्लैट बनाए और ब्रांडिंग की। इसमें नोएडा के सेक्टर-121 में क्लियो काउंटी इसका आवंटन आइवीआर सीएल के नाम पर है।
फ्लैट की खरीद फरोख्त में कैश ट्रांजेक्शन
इसी तरह सेक्टर-115 प्रोजेक्ट एंबियंस के नाम पर और सेक्टर-107 में ऐस के नाम और सेक्टर-151 में सिरजा कंपनी को आवंटित है। तीनों में ही ये को-डेवलपर है। इसी तरह एक और आवंटन सेक्टर-151 शिरजा के नाम पर है। इसमें भी इसके शेयर है।
सूत्र बताते है कि ग्रुप की ओर से फ्लैट की खरीद फरोख्त में कैश ट्रांजेक्शन किया गया। जिससे एक बड़े अमाउंट में टैक्स के साथ हेराफेरी की गई। कोलकाता में शेल कंपनियां बनाकर पैसे को डायवर्ट किया गया, जिसके साक्ष्य आयकर विभाग को मिले है।
इन्ही साक्ष्यों के आधार पर ही टीम ने सर्च कंडक्ट की है। हालांकि कागजी दस्तावेजों और प्राधिकरण में कंपनी का बकाया नहीं है। यानी समय पर समय पर इसने पूरा पैसा जमा किया।
क्या है पूरा मामला?
मामला कैश ट्रांजक्शन और डायवर्जन का है। कंपनी का सेक्टर-132 में कारपोरेट आफिस है। टीम ने लैपटाप और अकाउंट से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला है। अब तक कई दस्तावेजों को कब्जे में लिया है। जिसके संबंध में पूछताछ की जा रही है।
सर्च लंबी चलने की उम्मीद है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में भी इस सिलसिले में सर्च जारी है। कुल मिलाकर 30 लोकेशन बताई गई है, जिसमें 30 टीम काम कर रही है।
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