Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Noida Electricity Rate: घरेलू बिजली दर में कटौती का ऐलान, नोएडा के डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

    By Abhishek TiwariEdited By:
    Updated: Sun, 24 Jul 2022 10:05 AM (IST)

    UP New electricity rates घरेलू श्रेणी में अधिकतम दर सात रुपये से घटाकर साढ़े छह रुपये प्रति यूनिट हो गई है। अभी तक 500 से ऊपर का सात रुपये की दर से बिल भुगतान किया जाता था। इससे लोगों को बिजली बिल के खर्चे से बड़ी राहत मिलेगी।

    Hero Image
    Noida Electricity Rate: घरेलू बिजली दर में कटौती का ऐलान

    नोएडा, जागरण संवाददाता। Noida Electricity Rate: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा घरेलू बिजली दरों में की गई कटौती का लोगों ने स्वागत किया है। घरेलू श्रेणी में अधिकतम दर सात रुपये से घटाकर साढ़े छह रुपये प्रति यूनिट हो गई है। अभी तक 500 से ऊपर का सात रुपये की दर से बिल भुगतान होता था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार दो किलोवाट के कनेक्शन पर एक एसी चलाने वाले उपभोक्ता को प्रत्येक माह औसतन 300 रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है। जिले में करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता इस छूट से लाभान्वित होंगे।

    फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि नियामक आयोग का निर्णय आमजन के हित में है। सरकार को तत्काल प्रभाव से इसको लागू करना चाहिए, ताकि आम घरेलू उपभोक्ताओं को महंगे बिजली बिल से राहत मिल सके।

    वहीं डीडीआरडब्ल्यूए अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि कंपनियों के बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को रोकते हुए अधिकतम दर कम करना स्वागत योग्य है। आयोग ने उपभोक्ताओं राहत देने के साथ कंपनियों की मनमानी पर भी रोक लगाई है।

    एनपीसीएल: अभी 25 प्रतिशत छूट के लिए लड़ेंगे लड़ाई : अवधेश वर्मा

    नोएडा पावर कारपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीएल) के मामले उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फिक्स चार्ज घटाकर ऐतिहासिक निर्णय दिया है। उपभोक्ताओं की इस लड़ाई में उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    उन्होंने बताया कि जब उनको कंपनी की मनमानी के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने आयोग में चुनौती देते हुए छानबीन शुरू की। सबसे पहले कंपनी की 500 पन्नों से ज्यादा की बैलेंस सीट खंगाली। इसी में सबसे पहले मुख्य पद के लिए 6.5 करोड़ रूपये सालाना भुगतान की बात सामने आई। बाद में पता चला कि इसके तहत केवल एमडी ही आते हैं। बाद में कंपनी ने उनकों हटाया। इसके बाद औसत बिलिंग दर में भी बड़ा अंतर मिला।

    2019-20 में उपभोक्ताओं से लिया 8.17 रुपये प्रति यूनिट बिल

    2019-20 में उपभोक्ताओं से 8.17 रुपये प्रति यूनिट बिल लिया, जबकि लागत 6.12 रुपये प्रति यूनिट आ रही थी। 2021-22 में औसत बि¨लग दर 8.34 थी, जबकि लागत 7.39 आ रही थी। इसके बाद उन्होंने फिक्स व एनर्जी चार्ज घटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि अभी यह कम है। अब वह 25 प्रतिशत तक कम करने के लिए लड़ाई लड़ेंगे।