UPSC Topper 2022: 4 रैंक पाने वाली स्मृति मिश्रा को किससे मिलती है प्रेरणा, बताया IAS बनकर क्या करेंगी?
अनुभवों को संचित करने वाली चेतना से युक्त शक्ति अर्थात स्मृति जिसने अपनी मेधा विश्वास परिश्रम व सही मौके पर खुद को साबित कर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी UPSC) की परीक्षा में जीत का चौका मार अपने नाम स्मृति मिश्रा को चरितार्थ करने का काम किया है।

नोएडा, जागरण संवाददाता। अनुभवों को संचित करने वाली चेतना से युक्त शक्ति अर्थात स्मृति, जिसने अपनी मेधा, विश्वास, परिश्रम व सही मौके पर खुद को साबित कर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी, UPSC) की परीक्षा में जीत का चौका मार अपने नाम स्मृति मिश्रा को चरितार्थ करने का काम किया है। दो बार यूपीएससी की परीक्षा में चूकने के बाद स्मृति ने तीसरे प्रयास में सफलता साबित की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में उपाधीक्षक पद पर बरेली में कार्यरत पिता राजकुमार मिश्रा से स्मृति को सिविल सेवा के क्षेत्र में आने की प्रेरणा मिली है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखने वाली स्मृति ने सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा पास करते हुए 10 सीजीपीए हासिल किया।
बारहवीं में 96.7 प्रतिशत अंक के साथ पास कर आगरा जनपद के मेधावियों में जगह बनाई। सेक्टर-41 ई ब्लाक में किराए के मकान में भाई लोकेश मिश्रा व मां अनीता मिश्रा के साथ रहने वाली स्मृति मूल रूप से प्रयागराज के बागबरी गद्दी की रहने वाली हैं।
स्मृति ने बताया कि 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से बीएससी (लाइफ साइंस) पास कर विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान पाया था। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एलएलबी में प्रवेश लिया। जिसके अंतिम वर्ष में आईएएस में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि ग्रेजुएशन के दौरान ही आईएएस बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा देनी शुरू कर दी थी।
तैयारी के साथ ही जारी रहा कॉलेज
मां अनीता मिश्रा बताती हैं कि बेटी ने एलएलबी की पढ़ाई के साथ कालेज की विभिन्न गतिविधियों में भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया है। हालांकि सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया है। विषयों में मजबूती बनाने के लिए एनसीईआरटी समेत अन्य प्रकाशकों की किताबें पढ़ी। सामान्य ज्ञान के लिए अखबार पढ़े।
परिवार में पढ़ाई का माहौल बना रहा। वहीं, छात्रों की सफलता के लिए स्मृति कहती हैं कि सबके पास एक बराबर समय हैं। इसका सदुपयोग करने की जरूरत है। साथ ही लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।
परिवार में रहा खुशी का माहौल
बरेली में पुलिस उपायुक्त पिता राजकुमार मिश्रा ने बेटी की सफलता पर कहा कि सफलता हासिल करने के बाद बेटी ने फोन कर अपने रिजल्ट के बारे में बताया। इसपर गौरवांवित हो उठा। मां अनीता बताती हैं कि बेटी पढ़ने में अच्छी थी। भरोसा था कि सफलता हासिल कर लेगी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल करना अचंभे से कम नहीं है।
भाई लोकेश मिश्रा का कहना है कि रिजल्ट आने के बाद से घर में बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा है। पूरा परिवार खुश है। रिजल्ट आने के बाद रात में पूरे परिवार ने एक साथ मंदिर में जाकर दर्शन-पूजन भी किया है।
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