नोएडा [सुयश शर्मा]। दुनिया के विशालतम हवाईअड्डों में से एक नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, जेवर के निर्माण का काम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार की ज्वाइंट वेंचर कम्पनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) एवं विकासकर्ता ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की एसपीवी, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. के बीच लाइसेंस मेमोरेंडम हस्ताक्षर सहित सभी औपचारिकताएं पूरी हो गयी हैं। अब जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एयरपोर्ट का शिलान्यास संभावित है, जिसके बाद एयरपोर्ट निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

हो रहा भूमि का अधिग्रहण

जेवर एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति से संतुष्ट मुख्यमंत्री योगी ने कहा राज्य सरकार ने जेवर एयरपोर्ट परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के किसानों से संवाद किया-समन्वय बनाया, अंतत: परियोजना के पहले फेज के लिए निर्धारित 1,334 हेक्टेयर भूमि बिना किसी विवाद के भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के भवन की वास्तुकला में भारतीयता की झलक होनी चाहिए।

रोजगार को लेकर असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र है एविएशन

एविएशन सेक्टर अतीम संभावनाओं वाला क्षेत्र है। यह रोजगार पैदा करने का माध्यम भी है और आर्थिक समृद्धि का साधन भी। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक अवस्थापना का संरचनात्मक विकास होगा, जिससे रोजगार एवं निवेश के अवसर बढ़ेंगे। विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ हवाई यातायात सुगम होगा। इससे पर्यटन के क्षेत्र में भी अप्रत्याशित वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए एयरपोर्ट को हाईस्पीड रेल से जोड़े जाने, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा जोड़े जाने तथा मेट्रो रेल से जोड़े जाने की कार्यवाही चल रही है।

निश्चित सीमा के अंदर शुरू होगा काम

योगी ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार से साइट क्लीयरेंस प्राप्त करना हो या गृह मंत्रालय से इमीग्रेशन र्सिवसेज के लिए अनुमोदन अथवा पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेनी हो सारे कार्य समयबद्ध रूप से पूरे हुए हैं। निश्चित रूप से आगे के काम भी तय समयसीमा के भीतर शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी ने इस एयरपोर्ट के नाम, लोगो एवं डिजाइन को मंजूरी देते हुए कहा है कि यह विश्व के बेहतरीन हवाई अड्डों में से एक होगा। सरकार इसमें कोई कमी नहीं छोड़ेगी। यह एयरपोर्ट न केवल भारत का गौरव बनेगा, बल्कि इसे ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा।

अभी चल रहा समतलीकरण का काम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए पहले चरण के तहत 1334 हेक्टेयर जमीन इसको विकसित करने वाली कंपनी वाईआईएपीएल को सौंपने के बाद इसके समतलीकरण का काम चालू हैं। जमीन के खसरा-खतौनी के मिलान के हिसाब से उसकी चारदीवारी के लिए वाईएआईपीएल की तरफ से लगाई गई मशीनें पिलर गाड़ने से लेकर उसके समतलीकरण का काम कर रही हैं।

Edited By: Prateek Kumar