नोएडा [कुंदन तिवारी]। अगर आप डाग लवर हैं और अपने डागी को कहीं घुमाने ले जाना चाहते हैं तो आपके लिए एक खबर है। अंतरराष्ट्रीय मानक पर देश का सबसे बड़ा 'डाग पार्क' दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-137 में तैयार होने जा रहा है। 3.85 एकड़ में बनने वाला इस पार्क के लिए प्राधिकरण ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवा ली है। इस योजना पर प्राधिकरण 3.86 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इस बाबत 2.68 करोड़ रुपये के सिविल टेंडर भी जारी हो गए हैं। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बोर्ड बैठक में 'डॉग पार्क' निर्माण के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे कर चयनित कंपनी को जल्द इसका निर्माण शुरू करने निर्देश दिया है।

बता दें कि 'डाग पार्क' की डीपीआर में छोटे-बड़े डागी के लिए अलग-अलग स्थान व सुविधाओं को शामिल करने का पूरा खाका शामिल है। डाग के उठने, बैठने, खाने, आराम करने, घूमने, नहाने, उनके मनोरंजन समेत तमाम सुविधाओं के लिए साधनों को जुटाने की व्यवस्था शामिल है।

तेलंगाना में पहला 'डाग पार्क'

देश का पहला प्रमाणित 'डाग पार्क' तेलंगाना के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) ने कोंडापुर में 1.1 करोड़ रुपये की लागत से 1.3 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया है। इसमें जिम, वाकिंग ट्रैक, चिकित्सा संबंधी सेवाओं के लिए क्लीनिक की सुविधा है। यह अपने आप में एक अनोखा पार्क है। 

शहरवासियों के सुझाव पर प्राधिकरण ने किया अमल

नोएडा के घरों में कुत्ता पालने का शौक अब आम हो चुका है, डागी को टहलाने की समस्या भी शहर में तेजी से बढ़ी है। चूंकि डागी सड़क पर ही शौच करता है तो कई लोग आपत्ति जताते हैं। कई पार्कों में कुत्तों को ले जाने पर पाबंदी है। कई बार लोग कुत्ते को पार्क घुमाना चाहते हैं, लेकिन पाबंदी की वजह से ले जा नहीं पाते हैं। ऐसे में कई निवासियों की ओर से प्राधिकरण से यह आग्रह किया गया था कि वह तेलंगाना की तर्ज पर नोएडा में भी पार्क का निर्माण कराए, जिसमें सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं हो।

इन सुविधाओं से लैस होगा 'डाग पार्क'

यहां पर एक पशु चिकित्सक, डाग का प्रशिक्षक, मानकों के अनुरूप सफाई और निश्शुल्क टीकाकरण की भी सुविधा होगी। मेडिकल व फूड स्टाल जैसी सुविधाओं के लिए फीस ली जाएगी। इस पार्क में पेट्स के लिए ¨रग्स, बाल और झूले होंगे। इसमें डाग को प्रशिक्षण देने वाले उपकरण, कसरत के उपकरण, लान, एम्फीथिएटर, बड़े और छोटे कुत्तों के लिए अलग-अलग हाल समेत अन्य सुविधाएं मौजूद रहेंगी।

'डाग पार्क' में होंगी यह सुविधा

  • बड़े व छोटे डाग के लिए अलग-अलग स्थान
  • डाग के पीने के लिए वाटर फाउंटेन डाग शेल्टर
  • पार्क में आने वाले लोगों के लिए बेंच
  • वाटर पौंड
  • डाग के स्थल के लिए रबर टाइल
  • डाग वेस्ट डिस्पोजल स्टेशन

पालतू डाग के पंजीयन के लिए ऐप लांच

प्राधिकरण पहले ही पालतू डाग के पंजीयन के लिए ऐप लांच कर चुका है। एनएपीआर ऐप पर एक हजार रुपये फीस देकर डाग का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसकी वैधता एक वर्ष होगी। इसके बाद दोबारा नवीनीकरण कराना होगा। यदि सड़क पर डाग गंदगी करता पाया गया तो पांच सौ से एक हजार रुपये तक का मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।

इंदु प्रकाश सिंह (ओएसडी (निदेशक, उद्यान), नोएडा प्राधिकरण) का कहना है कि 3.85 एकड़ में विकसित किए जाने वाले डाग पार्क के लिए प्राधिकरण 3.86 करोड़ों रुपये खर्च करेगा। डीपीआर के अनुसार निर्माण के लिए 2.86 करोड़ रुपये की निविदा जारी कर दी गई है।

 

Edited By: Jp Yadav