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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi-बेंगलुरू के यात्रियों ने बताया, एयरपोर्ट कैसे पहुंचना पसंद करते हैं ज्यादातर लोग

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 11 Oct 2019 06:58 PM (IST)Updated: Fri, 11 Oct 2019 07:17 PM (IST)

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जेवर इलाके में प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) तक पहुंचने के लिए यात्रियों की पहली पसंद टैक्सी होगी।

Delhi-बेंगलुरू के यात्रियों ने बताया, एयरपोर्ट कैसे पहुंचना पसंद करते हैं ज्यादातर लोग
Delhi-बेंगलुरू के यात्रियों ने बताया, एयरपोर्ट कैसे पहुंचना पसंद करते हैं ज्यादातर लोग

ग्रेटर नोएडा, जेएनएन। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जेवर इलाके में प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport)  तक पहुंचने के लिए यात्रियों की पहली पसंद टैक्सी होगी। करीब 65 फीसद यात्री टैक्सी से एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 57 फीसद व दिल्ली में इंदिरा गांधी अतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Indira Gandhi International Airport) पर आने जाने के लिए तकरीबन 51 फीसद यात्री टैक्सी का चुनाव करते हैं। मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट रिपोर्ट में विभिन्न विकल्पों का अध्ययन कर यह आंकड़ा पेश किया गया है।

दिल्ली समेत 5 राज्यों के लोगों को होगा फायदा

गौरतलब है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 2023-24 में यात्री सेवाएं शुरू होने का अनुमान है। शुरुआत से ही जेवर एयरपोर्ट पर करीब 53 लाख अस्सी हजार यात्रियों का अनुमान लगाया गया है। यह यात्री उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड से होंगे।

यात्रियों की संख्या से भी तय होगी सुविधा

यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्ट परिवहन के विभिन्न माध्यमों की जरूरत होगी। जो कम से कम समय में सुविधाजनक तरीके से यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचा सकें। एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या ट्रांसपोर्ट पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड (Noida International Airport Company Limited) ने मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट पर राइट्स से रिपोर्ट तैयार कराई है। राइट्स ने एयरपोर्ट से दो सौ किमी की परिधि में आने वाले 43 जिलों के आधार पर अपनी प्राथमिक व्यवहारिक रिपोर्ट नियाल को सौंपी है।

सिर्फ 10 फीसद ने कहा- बस से जाएंगे एयरपोर्ट

इस रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु, दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट की तरह जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने जाने के लिए यात्री सबसे अधिक टैक्सी का ही इस्तेमाल करेंगे। इसके बार कार का विकल्प दूसरी प्राथमिकता होगा, जबकि बस से मात्र 10 फीसद यात्री की एयरपोर्ट तक पहुंचना पसंद करेंगे।

राइट्स ने ट्रांसपोर्ट के विकल्प सुझाने के लिए बेंगलुरु व दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट का आधार बनाया है। यहां जानिए  अहम बिंदु।

  • बेंगलुरु में 57.4 फीसद लोग टैक्सी से एयरपोर्ट तक आते जाते हैं, जबकि दिल्ली में 55.1 फीसद की पसंद टैक्सी है।
  • बेंगलुरु में एयरपोर्ट के लिए कार का इस्तेमाल करने वाले 20.8 फीसद हैं।
  • बस का 15.8 व रेल का विकल्प चुनने वाले 5.9 फीसद हैं।
  • दिल्ली में कार से 11 फीसद, बस से 4.2 फीसद, मेट्रो से 28.6 फीसद यात्री एयरपोर्ट आते जाते हैं।
  • दिल्ली में ऑटो व रेल से आने जाने वाले यात्री नाममात्र के ही हैं।
  • जेवर एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू होने पर 25 फीसद कार से, दस फीसद बस का उपयोग करेंगे।
  • एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं 2023-24 में शुरू हो जाएंगी।
  • जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा।
  • देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट है।

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