Noida Noise Pollution: नोएडा में लोगों को बीमार कर रहा ध्वनि प्रदूषण, दिन के साथ रात में बेकाबू हो रहा शोर
औद्योगिक नगरी नोएडा में दिन के साथ रात में शोर बेकाबू हो रहा है। चाहे रिहायशी इलाका हो या व्यवसायिक और औद्योगिक सभी जगह यही हाल है। शांत जोन के साथ व्यवसायिक औद्योगिक और रिहायशी इलाके में भी ध्वनि का मानक से अधिक स्तर मिला है। इनमें ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) की सबसे बड़ी वजह वाहनों से होने वाला शोर है।

जागरण संवाददाता, नोएडा। औद्योगिक नगरी में दिन के साथ रात को होने वाला ध्वनि प्रदूषण लोगों को बीमार कर रहा है। शहर में जिन स्थलों के आसपास ध्वनि का स्तर सबसे कम होना चाहिए, वहां पर सबसे ज्यादा ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। यह वह क्षेत्र है जो शांत जोन घोषित है। इस क्षेत्र में अस्पताल, स्कूल स्थित हैं।
कितना होना चाहिए ध्वनि का स्तर?
यहां दिन में ध्वनि का स्तर 76 डेसिबल और रात में 72 डेसिबल तक रहता है, जबकि यहां ध्वनि का स्तर दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। शांत जोन के साथ व्यवसायिक, औद्योगिक और रिहायशी इलाके में भी ध्वनि का मानक से अधिक स्तर मिला है। इनमें ध्वनि प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह वाहनों से होने वाला शोर है। ध्वनि प्रदूषण के कारण सुनने की क्षमता कमजोर हो रही है।
खुली जगह में लाउडस्पीकर प्रतिबंध
ट्रैफिक पुलिस के साथ नोएडा प्राधिकरण की ओर से शांत क्षेत्र में शामिल सभी प्रमुख अस्पतालों के बाहर हार्न नहीं बजाने का बोर्ड लगाया गया है। बावजूद चालक यहां हार्न का प्रयोग करते हैं। वहीं कई जगह व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम के कारण वाहनों चालकों द्वारा आगे निकलने की होड़ में हार्न के प्रयोग से शोर होता है। रात के दस बजे से सुबह के छह बजे के बीच खुली जगह में लाउडस्पीकर प्रतिबंध है।
नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में ध्वनि का स्तर डेसीबल में
औद्योगिक क्षेत्र दिन रात
सेक्टर-6 76.3 63.7
सेक्टर-11 70.5 71.2
नोट : औद्योगिक क्षेत्र में सामान्य स्तर दिन में 75 व रात में 70 होना चाहिए।
व्यवसायिक क्षेत्र दिन रात
सेक्टर 18(अट्टा मार्केट) 77.8 67.2
सेक्टर 29(ब्रह्मपुत्रा काम्प्लेक्स) 71.5 68.6
नोट: व्यवसायिक क्षेत्र में सामान्य स्तर दिन में 65 व रात में 55 होना चाहिए।
आवासीय क्षेत्र दिन रात
सेक्टर-29 70.9 65.2
सेक्टर-75 65.1 63.4
नोट: आवासीय क्षेत्र में सामान्य स्तर दिन में 55 व रात में 45 होना चाहिए।
शांत क्षेत्र दिन रात
सेक्टर 62(फोर्टिस अस्पताल) 76.2 71.7
सेक्टर 19(मैक्स अस्पताल) 75.6 72.2
नोट : साइलेंट क्षेत्र में सामान्य स्तर दिन में 50 व रात में 40 होना चाहिए
बहरेपन का मुख्य कारण
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य के लिहाज से ध्वनि प्रदूषण काफी हानिकारक है। इससे व्यक्ति बहरेपन से लेकर कई बीमारियों का शिकार हो सकता है। ध्वनि प्रदूषण से चिंता, बात करने में समस्या, बोलने में व्यवधान आदि समस्या होती है। लंबी समयावधि में धीरे-धीरे सुनने की क्षमता को कम करता है। ध्वनि प्रदूषण पशुओं, पक्षियों के लिए असुरक्षा का कारण बनता है।
प्रेशर हार्न लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। आगे भी अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।
-अनिल यादव, डीसीपी ट्रैफिक, नोएडा
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