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    चूहे की मौत का मामला: बेअंदाज कोतवाल ने कराई नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की किरकिरी, गिर सकती है गाज

    By Praveen SinghEdited By: Abhishek Tiwari
    Updated: Thu, 27 Jul 2023 11:21 AM (IST)

    फेज तीन कोतवाली प्रभारी की तेजी ने कमिश्नरेट पुलिस की इंटरनेट मीडिया पर जमकर किरकिरी कराई है। बेअंदाज कोतवाल वाह वाही लूटने के चक्कर में भावनाओं में बह गए और मीडिया सेल के बिना खुद ही प्रेस नोट जारी कर दिया। मामला चूहे को मारने वाले आरोपित जैनरुद्दीन की गिरफ्तारी से जुड़ा था जिन्हें शांति भंग में गिरफ्तार किया गया था।

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    बाइक से कुचलकर चूहे को मारने का आरोपी जैनरुद्दीन

    नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]। फेज तीन कोतवाली प्रभारी की तेजी ने कमिश्नरेट पुलिस की इंटरनेट मीडिया पर जमकर किरकिरी कराई है। बेअंदाज कोतवाल वाह वाही लूटने के चक्कर में भावनाओं में बह गए और मीडिया सेल के बिना खुद ही प्रेस नोट जारी कर दिया।

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    मामला चूहे को मारने वाले आरोपित जैनरुद्दीन की गिरफ्तारी से जुड़ा था, यही वजह रही कि सोमवार को पूरे दिन इंटरनेट मीडिया पर कमिश्नरेट पुलिस ट्रोल होती रही।

    अंत में आलाधिकारी के हस्ताक्षेप करने के बाद जिस व्यक्ति को गिरफ्तार कर शांति भंग की कार्रवाई की गई, उसके खिलाफ कार्रवाई वापस लेने का आदेश दिया गया और पूरे प्रकरण में डीसीपी लेवल की जांच का आदेश पुलिस कमिश्नर ने दिया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

    सूत्र बताते हैं कि वाह वाही लूटने के चक्कर में भावनाओं में बहने वाले फेज तीन कोतवाल विजय कुमार पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ।

    आरोप लगा कि जैनरुद्दीन ने बाइक से कुचलकर चूहे को मार डाला। फेज तीन कोतवाली पुलिस ने जैनरुद्दीन को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर कहा कि वह बिरयानी बेचता है। उसके बिरयानी के ठेले पर फसाद हो रहा है। झगड़ा और न बढ़े, इस वजह से उसके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई।

    पुलिस की कार्रवाई को झगड़ से न जोड़कर चूहे मारने की घटना से जोड़ते हुए इंटरनेट मीडिया पर संदेश वायरल होने लगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसको गलत बताते हुए कहा कि कार्रवाई चूहे से संबंधित नहीं है, लेकिन बात यहां बिगड़ गई कि जैनरुद्दीन की गिरफ्तारी से संबंधित प्रेस नोट मीडिया सेल ने जारी नहीं किया।

    सूत्रों ने दावा किया है कि बेअंदाज कोतवाल ने अपने स्तर से यह जानकारी मीडियाकर्मियों को शेयर की। जांच में इसके साक्ष्य मिले है। ऐसे में कोतवाल पर गाज गिरनी तय माना जा रहा है।

    पहले भी कठघरे में रह चुके है कमिश्नरेट के कोतवाल

    यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व में भी बादलपुर कोतवाली प्रभारी ब्रह्मपाल का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वह कांवड़ियां को कहते हुए सुने गए थे कि जूता मार के ले जाऊंगा घर और जीप में बैठा दूंगा।

    कागजी जांच, नतीजा शून्य

    यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें तथ्यों की जांच शुरू की गई हो। इससे पूर्व में भी बादलपुर कोतवाल का वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश दिए गए।

    ईकोटेक तीन कोतवाली पुलिस के पुलिसकर्मियों की ऑडियो व वीडियो वायरल होने के बाद भी कागजी जांच में नतीजा शून्य रहा। जांच में नतीजा शून्य रहने की वजह से ही जिले में पुलिसकर्मी बेअंदाज हो रहे है और कमिश्नरेट की किरकिरी करा रहे है।