यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वीवीआईपी के स्वागत में चमकीं ग्रेटर नोएडा की सड़कें, गड्ढे में चल रहे आर्थिक मजबूती देने वाले
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर-दादरी मार्ग की हालत पिछले चार सालों से खराब है जिससे औद्योगिक क्षेत्र में परेशानी हो रही ...और पढ़ें

HighLights
- सूरजपुर-दादरी मार्ग चार साल से बदहाल
- बारिश में जलभराव, आवागमन बाधित
- शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत आए अन्य कई मंत्रियों के स्वागत के लिए जहां पर शहर के मुख्य मार्गों के रातों-रात चमका दिया गया।
वहीं, शहर की आर्थिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाला औद्योगिक क्षेत्र के लिए सूरजपुर से दादरी जाने वाले मार्ग की स्थिति बदहाल बनी हुई है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी करने के साथ फैक्ट्रियों में आने वाले भार वाहनों को दिक्कतें होती हैं। लोगोंं का आरोप है कि जिम्मेदारों से शिकायत किए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है।
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर दादरी मार्ग पिछले करीब चार वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। इस कारण यहां पर हल्की सी वर्षा होते ही सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण महीनों तक सड़कों पर जलभराव बना रहता है।
इस कारण यहां पर पता ही नहीं चलता है कि सड़क कहां पर बनी हुई है। सूरजपुर बाजार आने वाले लोगों को या तो पानी से भरी और टूटी सड़क से आना पड़ता है या फिर अन्य वैकल्पिक मार्ग से आना पड़ता है, जिससे लोगों का अधिक समय खराब होने के साथ जाम जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह सूरजपुर दादरी मार्ग से औद्योगिक क्षेत्र साइट बी और साइट सी भी जाना होता है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में आने वाले वाहन चालकों को आए दिन जलभराव और क्षतिग्रस्त मार्ग होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भार वाहन होने के कारण इनको हादसे का खतरा बना रहता है।
लंबे समय से मार्ग बदहाल होने के कारण आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रेनो प्राधिकरण की बैठक में कई बार समस्या रखी गई है।
- संजीव शर्मा, अध्यक्ष, आईए
सूरजपुर दादरी मार्ग बनवाए जाने के लिए जब भी ग्रेनो प्राधिकरण की बैठक में शिकायत की जाती है हर बार टेंडर निकलने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
- अमित उपाध्याय, अध्यक्ष, आईबीए
पिछले करीब चार वर्षों से सड़क का निर्माणकार्य नहीं हुआ है। हर बार पैच लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। समस्या का समाधान होना चाहिए।
- एसके शर्मा, उपाध्यक्ष, आईबीए
हर मौसम में सड़क पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। दो पहिया वाहन सवार अक्सर सड़क हादसे का शिकार होते रहते हैं।
- विवेक चौहान, उद्यमी
