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    नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए हटाए जाएंगे सात गांव, यहां के ग्रामीणों को बसाने के लिए बनेगी टाउनशिप

    By Jagran NewsEdited By: Kushagra Mishra
    Updated: Tue, 01 Jul 2025 06:51 PM (IST)

    नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए सात गांवों को हटाने की तैयारी है। एयरपोर्ट प्रशासन ने 340 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है जहां ग्रामीणों के लिए टाउनशिप बनाई जाएगी। प्रभावित गांवों के 14600 परिवारों को पुनर्वास पैकेज मिलेगा जिसमें भूमि वित्तीय सहायता और रोजगार के अवसर शामिल हैं। 4 जुलाई से पुनर्वासन योजना पर सार्वजनिक सुनवाई होगी।

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    एक्सप्रेसवे किनारे मगरौली गांव के पास होगा नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण में सात गांव का विस्थापन।

    मनोज कुमार शर्मा, जेवर: एयरपोर्ट प्रशासक ने सांख्यिकीय गणना के बाद आर एंड आर का मसौदा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। तैयार ड्राफ्ट पर 4 से 11 जुलाई तक प्रभावित 14 गांव में लोक सुनवाई का आयोजन किया जाएगा। 

    जिसमें 1857.77 हेक्टेयर जमीन किसानों से लेने के अलावा जेवर के सात गांवों को यहां से हटाकर कहीं और बसाया जाना है। इन किसानों को विस्थापित करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर खुर्जा मार्ग से लगी हुई टाउनशिप विकसित की जाएगी।

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    तीसरे चरण में जेवर के 14 गांव की 2053 हेक्टेयर जमीन ली जानी है।जिसके लिए एयरपोर्ट प्रशासक ने 340 हेक्टेयर जमीन को चिह्नित कर लिया है। लोक सुनवाई के बाद इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    तीसरे चरण में किया जाएगा तीन रनवे का निर्माण

    नोएडा इंटरनेशनल एयपोर्ट के तीसरे चरण में तीन रनवे विकसित करने के लिए जेवर के 14 गांव थोरा 577 हेक्टेयर, नीमका 275, ख्वाजपुर 272,रामनेर 213, किशाेरपुर 94, बनवारीवास 84, पारोही 86, मुकीमपुर शिवारा 72, जेवर बांगर 63 साबौता 53, चौरोली 28, दयानतपुर13, बंकापुर 11, रोही की 10 हेक्टेयर जमीन सहित कुल 1857 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।

    शासन ने 11 अप्रैल को धारा 11 की अधिसूचना जारी की थी जिसके बाद एयरपोर्ट प्रशासक ने 25 मई ये 24 जून तक अधिग्रहण की धारा 16 के तहत सांख्यिकीय गणना कराते हुए पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के लिए योजना का मसौदा ड्राफ्ट तैयार किया है।

    14 गांवों के 17945 परिवार होंगे प्रभावित

    हांलाकि नीमका, ख्वाजपुर और थोरा में कुछ किसानों ने सांख्यिकीय गणना का विरोध करते हुए भाग नहीं लिया। सांख्यिकीय गणना कें आंकड़ों के मुताबिक 14 गांव में अर्जन से कुल 17945 परिवार प्रभावित होंगे।

    कुल परिवारों में 51 प्रतिशत पुरूष व 49 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। प्रत्येक परिवार में चार से पांच सदस्य का औसत है। मौसेदे में बताया गया कि परियोजना में 17945 परिवारों की 27357 जनसंख्या प्रभावित होगी।

    सात गांव के 14600 परिवारों को हटाया जाएगा

    परियोजना में जेवर के बनवारीवास, किशोरपुर, रामनेर, नीमका, ख्वाजपुर,थोरा एवं जेवर बांगर के माजरा जाफराबाद गांव का भी अर्जन किया जाएगा।

    इन गांव में निवास करने वाले कुल 14600 परिवारों को विस्थापित करना होगा। विस्थापित परिवारों को उनके मकानों की 50 प्रतिशत विकसित भूमि अधिकतम 500 मीटर तक दी जाएगी।

    प्रत्येक परिवार को जीवन निर्वाह अनुदान के रूप में विस्थापन के बाद 12 माह तक तीन हजार रूपये परिवहन खर्चा के रूप में 50 हजार, पशुवाडा के लिए 25 हजार, पुनर्व्यवस्थापन भत्ता 50 हजार के अलावा नौकरी या पांच लाख एकमुश्त दिए जाएंगे।

    यमुना एक्सप्रेसवे के पास मंगरौली गांव में होगा विस्थापन

    विस्थापित होने वाले सभी सात गांव के लिए यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के समानांतर जेवर खुर्जा मार्ग व नीमका रजवाहे के बीच टाउनशिप विकसित की जाएगी।

    प्रशासक ने इसके लिए अलावलपुर की 48, मंगरौली की 187.64, चौरोली की 24.88, नीमका की 78.80 हेक्टेयर जमीन सहित कुल 339.80 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की है।

    यह जमीन प्रस्तावित पलवल खर्जा मार्ग से जोड़ी है। विस्थापित टाउनशिप में अच्छी सड़के, बिजली,पानी, स्वास्थ्य, के अलावा सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    सांख्यिकीय गणना के बाद पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के लिए योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। चार जुलाई से ड्राफ्ट पर लोकसुनवाई शुरू की जा रही है। परियोजना में सात गांव का विस्थापन किया जाना है जिसके लिए 340 हेक्टेयर जमीन का चयन कर लिया गया है। लोकसुनवाई की अपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलास्तरीय समिति के सुझावों के साथ ड्राफ्ट अनुमोदन के लिए मंडलायुक्त के पास भेजा जाएगा।

    - अभय कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी, जेवर एवं प्रशासक एयरपोर्ट भूमि अर्जन