Noida News: पुरानी रंजिश में युवक को दुष्कर्म के केस में फंसाया, 23 साल बाद धुला दाग
ग्रेटर नोएडा में एक व्यक्ति को 23 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में बरी कर दिया गया। आरोप था कि उसने 16 साल की उम्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने पाया कि मामला दर्ज करने में देरी हुई पीड़िता का बयान सही से दर्ज नहीं हुआ और डीएनए टेस्ट भी नहीं हुआ। पीड़िता ने स्वीकार किया कि परिवारों के बीच पुरानी रंजिश थी।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय ने 23 साल पुराने के एक दुष्कर्म के मामले में 39 वर्षीय व्यक्ति को आरोपों से बरी कर दिया था। आरोप था कि 16 साल की उम्र में उसने एक नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती कर दिया। पीड़िता के पिता ने दो जुलाई 2002 को दादरी थाने में मामला दर्ज कराया था।
जांच में पता चला कि पीड़िता पांच महीने की गर्भवती थी। मामला शुरू में नियमित कोर्ट में चला, लेकिन 2012 में इसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी ) में भेजा गया, क्योंकि घटना के समय आरोपित की उम्र 16 साल थी। साल 2021 में जेजेबी ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
आरोपित जमानत पर बाहर रहा और विशेष पॉक्सो कोर्ट में अपील की। जज विकास नागर ने गवाहों के बयान और दस्तावेजों की गहन जांच में पाया कि मामला दर्ज करने में लंबी देरी के साथ पीड़िता का बयान धारा 164 के तहत दर्ज नहीं थे। डीएनए टेस्ट नहीं कराया गया।
गर्भपात या भ्रूण संबंधी कोई रिकॉर्ड भी नहीं था। मेडिकल रिपोर्ट में घटना की तारीख से मेल नहीं खा रही थी। पीड़िता ने कोर्ट में दोनों परिवारों में पुरानी रंजिश की बात स्वीकार की। कोर्ट ने ऐसे हालात में आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है।
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