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    नोएडा में पहली बार शुरू हुआ ये उद्योग, 4500 लोगों को मिलेगी नौकरी; 800 करोड़ है लागत

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:58 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने नोएडा में ऑप्टिमस इंफ्राकाॅम की टेम्पर्ड ग्लास फैक्ट्री का उद्घाटन किया। उन्होंने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की बात कही। कंपनी 800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और 4500 लोगों को रोजगार देगी। भारत में टेम्पर्ड ग्लास की भारी मांग है और इस फैक्ट्री के खुलने से अब देश में ही इसका उत्पादन होगा। ऑप्टिमस इंफ्राकाॅम ने 1995 में मोबाइल फोन लॉन्च किया था।

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    कार्निंग तकनीक से टैम्पर्ड ग्लास बनने वाली फैक्ट्री का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने किया। जागरण

    जागरण संवाददाता, नोएडा। Make in India को हम बढ़ाएंगे। स्वदेशी को अपनाकर इसको बढ़ाया जाएगा। सेक्टर-68 में अब Corning Tempered Glass बनाए जाएंगे। यह इलेक्ट्राॅनिक उपकरणों की स्क्रीन को सुरक्षित रखेंगे।

    यह ग्लास पूर्व में अन्य देशों से आयात होते थे। अब देश में ही इनका उत्पादन हो रहा है। शनिवार टेम्पर्ड ग्लास बनाने वाली फैक्ट्री ऑप्टिमस इन्फ्राकाॅम का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना एवं प्रसारण व रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने यह कहा।

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    उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत अपने पथ पर अग्रसर है। बीते 11 वर्ष में इलेक्ट्रॉनिक्स मेक्युफैक्चरिंग छह और एक्सपोर्ट आठ गुना बढ़ा है। भारत में मोबाइल, लैपटाप, हार्डवेयर कंपोनेंट समेत राउटर्स की भी मेन्युफैक्चरिंग की जा रही है।

    इलेक्ट्राॅनिक्स में सीधे 25 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। यह देश के लिए गर्व की बात है। लैपटाॅप और सर्वर के सभी कंपाेनेंट बनाना देश में ही बनें ऐसी प्राथमिकता है।

    3.5 लाख करोड़ के इलेक्ट्राॅनिक्स उपकरण बीते दिनों में भारत से निर्यात किए गए हैं। 11.5 लाख करोड़ का यह उद्योग है। गोरिल्ला ग्लास से लेकर कवर्ड ग्लास भी जल्द भारत में बनेंगे।

    भारत में इलेक्ट्राॅनिक्स का इकोसिस्टम विकसित हुआ है। आगे के दिनों में इसमें और क्रांति आएगी। जल्द ही मेक इन इंडिया चिप्स भी दिखेंगे।

    800 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी

    70 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ टेम्पर्ड ग्लास की मेन्युफैक्चरिंग शुरू की है। 600 से अधिक लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। कंपनी अब 800 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इससे प्रति वर्ष 20 करोड़ टेम्पर्ड ग्लास वर्षभर में तैयार होंगे। 4500 लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा।

    50 करोड़ से अधिक टैम्पर्ड ग्लास की मांग

    प्रति वर्ष भारत में 50 करोड़ टेम्पर्ड ग्लास की मांग होती है। 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का यह बाजार है। भारत में मेन्युफैक्चरिंग नहीं होने से यह ग्लास बाहर से आता था। भारतीय कंपनी ने इस बाजार में अब कदम रख दिया है।

    मोबाइल से टेम्पर्ड ग्लास तक का सफर तय

    ऑप्टिमस इंफ्राकाॅम ने 1995 में भारत में मोबाइल फोन लाॅन्च किया था। इलेक्ट्राॅनिक्स बाजार में यह एक अनूठी पहल थी। कंपनी ने बीते कई वर्षाें से ईयरफोन और अन्य मोबाइल एसेसरीज उपकरण बना रही थी। टेम्पर्ड ग्लास बनाने के लिए देश में पहली बार कोई कंपनी आई है।

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