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    मास्टर प्लान से पहले नये नोएडा की घोषणा से हुआ अवैध निर्माण, कॉलोनाइजरों ने उठाया लाभ; अफसरों की बढ़ी टेंशन

    मास्टर प्लान के बिना नए नोएडा की घोषणा के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ गया है। जगह-जगह अवैध कॉलोनियां बन रही हैं और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास वेयरहाउस बन गए हैं। प्राधिकरण को 21 हजार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना है जिसमें से लगभग चार हजार हेक्टेयर पर अवैध निर्माण हो चुका है। अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्राधिकरण सख्त कदम उठाएगा।

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari Updated: Sun, 18 May 2025 11:23 AM (IST)
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    नोएडा शहर का दृश्य। फोटो- सोशल मीडिया

    धर्मेंद्र चंदेल, नोएडा। मास्टर प्लान बनाए बिना नए नोएडा की घोषणा के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गया है। जगह-जगह अवैध कॉलोनियों बसने के साथ पैरिफेरल एक्सप्रेसवे एवं दादरी बाइपास के आसपास वेयर हाउस भी बन गए हैं। इनके निर्माण की गति बहुत तेज है।

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    अवैध निर्माण की रोकथाम के लिए अतिक्रमण हटाओं दस्ते का गठन तक प्राधिकरण नहीं कर सका है। हालांकि अधिसूचित क्षेत्र में निर्माण के नियम-शर्तों की जानकारी देने और चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त जरूर कर दिया गया है। प्राधिकरण को 21 हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कराना है। करीब चार हजार हेक्टेयर भूमि पर अवैध निर्माण हो चुका है। इसे हटाना प्राधिकरण के लिए टेढ़ी खीर होगा।

    2021 से 2023 के बीच हुआ सर्वाधिक निर्माण

    बता दें कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए शासन ने जनवरी 2021 में शासन ने दादरी-नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) की घोषणा की थी। नोएडा प्राधिकरण को इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन जिन गांवों की जमीन यह विकसित किया जाना था, वह ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में पड़ते हैं।

    इस कारण नोएडा से डीएनजीआइआर को विकसित करने में हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जिम्मेदारी लेने के लिए कहा गया। तब छह हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबने होने के कारण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण असमर्थता जाहिर कर दी। जुलाई 2022 में इसकी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई।

    कॉलोनाइजरों ने चार हजार हेक्टेयर जमीन पर कराया अवैध निर्माण

    इसी बीच कॉलोनाइजरों ने नया शहर बसने की घोषणा का लाभ उठाते हुए गांवों के आसपास अवैध कॉलोनियों बसानी शुरू कर दी। 80 गांवों की करीब 21 हजार हेक्टेयर भूमि में से कॉलोनाइजरों ने लगभग चार हजार हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण करा दिया है। परिफेरल एक्सप्रेसवे के समीप बड़ी संख्या में वेयर हाउस बन गए हैं। दादरी बाइपास, धूम मानिकपुर, बिसहाड़ा, जारचा, नई बस्ती, चिटहेरा आदि गांवों में वेयर हाउसों की बाढ़ आ गई है।

    इन गांवों के साथ ऊंचा अमीरपुर, प्यावली, गुलावठी, गालंद, धौलाना, मसूरी मार्ग आदि में अवैध कॉलोनियों बसाई जा रही हैं। इसका प्रमुख कारण 2021 में घोषणा के बाद जमीन की निगरानी रखने के लिए कोई दस्ता नहीं बनाया गया। अवैध निर्माण की रोकथाम भी किसी ने नहीं की। सर्वाधिक अवैध निर्माण जनवरी 2021 से दिसंबर 2023 तक हुआ। प्राधिकरण ने 18 अक्टूबर 2024 में मास्टर प्लान बनाकर तैयार किया है।

    अवैध निर्माण को सख्ती से रोका जाएगा। सभी जगह नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन के अंदर स्वयं निर्माण हटाने का समय दिया जाएगा। स्वयं निर्माण नहीं हटाया तो प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। इस पर आने वाले खर्च को अवैध निर्माण करने वालों से वसूला जाएगा। - सतीश पाल, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण