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    नोएडा में बनने वाली एलिवेटेड रोड योजना में बड़ा बदलाव, अब रजनीगंधा से नहीं बनेगी ये सड़क

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 11:08 AM (IST)

    Noida Elevated Road Project नोएडा के मास्टर प्लान नंबर एक पर बनने वाली एलिवेटेड रोड योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह रोड रजनीगंधा से नहीं बल्कि डीएनडी से बनाई जाएगी। इस रोड को करीब तीन किमी तक बढ़ाया गया है। इससे दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-57 58 59 के अलावा 65 और मामूरा और अन्य सेक्टरों के ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी।

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    एमपी-1 मार्ग पर प्रस्तावित है एलिवेटेड रोड। फोटो- जागरण आर्काइव

    जागरण संवाददाता, नोएडा। मास्टर प्लान नंबर एक पर बनने वाली एविलेटेड रोड योजना में बदलाव किया गया है। अब यह रोड रजनीगंधा से नहीं, बल्कि डीएनडी से बनाई जाएगी। इस रोड को करीब तीन किमी तक बढ़ाया गया है।

    नोएडा प्राधिकरण की इस परियोजना में संशोधन कर आईआईटी रुड़की ने अप्रूवल दिया है। अब आईआईटी रुड़की ही एलिवेटेड रोड की फिजिबिलिटी और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। यहां निर्माण में सबसे बड़ा पेच रजनीगंधा के पास है।

    एलिवेटेड रोड को लेकर आईआईटी रुड़की लेगा ये फैसला

    रजनीगंधा एमपी-एक रोड पर अंडरपास बना हुआ है। डीएससी रोड पर मेट्रो लाइन है। या तो इस लाइन के ऊपर से एलिवेटेड रोड बनाई जाए या फिर एलिवेटेड को दो खंडों में बांटकर बनाई जाए।

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    इसकी फिजिबिलिटी आईआईटी रुड़की तय करेगी। जल्द ही उनकी टीम एलिवेटेड मार्ग का सर्वे करेगी। अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट में बताया जाएगा कि यहां एलिवेटेड रोड बनाई जा सकती है या नहीं।

    नोएडा के इन सेक्ट्ररों में नहीं लगेगा जाम

    प्राधिकरण ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि डीएनडी से सीधे सेक्टर-57 चौराहे तक एलिवेटेड बनने से दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-57, 58, 59 के अलावा 65 और मामूरा और अन्य सेक्टरों के ट्रैफिक स्मूद होगा। उनको रेड लाइट और जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    साथ ही 30 मिनट का समय 10 मिनट में तय किया जा सकेगा। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते है। अब इसकी लंबाई बढ़ी है ऐसे में लागत में बढ़ोत्तरी होगी। डीपीआर में इसका बजट को बताया जाएगा।

    नयी नहीं है यह परियोजना

    बता दें कि यह परियोजना कोई नयी नहीं है, बल्कि लंबे समय से यह फाइलों में दफन थी। जबकि सपा शासन काल में वर्ष 2015-16 में इस परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था, जिसमें सेक्टर-10 से सेक्टर-12, 22 तिराहे तक एलिवेटेड रोड बनाया जाना था, लेकिन अब इसकी लंबाई आगे व पीछे बढ़ा दिया गया है।

    व्यस्त समय में रहती है जाम की समस्या

    सुबह और शाम व्यस्त समय में रजनीगंधा से सेक्टर-12-22-56 तिराहे तक वाहनों का बहुत अधिक दबाव रहता है। शाम के वक्त तो वाहन रेंगते नजर आते हैं। आने वाले समय में वाहनों का यह दबाव और भी बढ़ेगा।

    इस सड़क से शहर के औद्योगिक सेक्टरों के साथ कई आवासीय सेक्टरों को लोग जाते हैं। गाजियाबाद खासकर खोड़ा और इंदिरापुरम, दिल्ली जाने वाला यातायता भी होता है। इस लिहाज से आवागमन के लिए यह सड़क अहम होगी।