नोएडा में साइबर ठगों ने कारोबारी से ठगे 68 लाख रुपये, एप पर दिखाया पांच करोड़ का मुनाफा
नोएडा के सेक्टर 128 में साइबर ठगों ने एक कारोबारी से शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर 68 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने एक ऐप के माध्यम से निवेश कराया और मुनाफा दिखाया लेकिन जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो उनसे टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

जागरण संवाददाता, नोएडा। साइबर ठगों ने सेक्टर 128 स्थित जेपी विशटाउन सोसायटी में रहने वाले कारोबारी जैयश जगदीश पटेल से 68 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने शेयर बाजार का जानकार बताकर शत प्रतिशत मुनाफा होने का दावा।
पीड़ित से रकम ट्रांसफर कराकर एप पर पांच करोड़ रुपये तक मुनाफा दिखा दिया। रकम निकालने का प्रयास करने पर ठगों ने एक करोड़ रुपये कर के रूप में मांग कर डाली। इससे पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
जैयश जगदीश पटेल शेयर बाजार में भी रुचि रखते हैं। 22 जुलाई उनके पास कथित प्रणिती जैन नाम की महिला ने संपर्क किया था। उसने खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताया था। अपने स्टाक यगाशवी प्लेटफार्म पर पंजीकरण कर शेयर बाजार में कई गुना मुनाफा कमवाने का दावा किया था।
जैयश ने ठग की बातों में आकर पंजीकरण कर निवेश करना शुरू किया। ठग एप पर मुनाफा दिखाता रहे और जैयश ठग के बताए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करते रहे। जैसे ही जैयश रकम डालते अगले दिन एप पर मुनाफे का ग्राफ ऊंचा हो जाता। उन्होंने आठ अगस्त तक 68 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। एप पर पोर्टफोलिया 5.99 करोड़ रुपये दिखा रहा था।
जमा पूंजी खत्म होने पर जैयश रकम को निकालना चाहा तो ठग ने 15 प्रतिशत कैपिटल गेन और पांच प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में एक करोड़ रुपये जमा कराने को बोला। जैयश के असमर्थता जताने पर ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। पीड़ित ने पहले एनसीआरपी पोर्टल और अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
तमिलनाडु वनथा की शाखा में खपाई रकम
पीड़ित के मुताबिक ठगों ने 68 लाख में से 41 लाख रुपये तमिलनाडु के वनथा स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा में 41 लाख रुपये ट्रांसफर कराए जबकि शेष रकम अन्य बैंक खातों में जमा कराई।
बदल-बदलकर खातों में रकम लेने के बारे में पूछने पर कर बचाने का बात कहकर टरका दिया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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