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    कैसे बढ़ेगा शिशु का वजन? अब बारकोड स्कैन कर मां जान सकेंगी खास 'मंत्र'

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 11:35 PM (IST)

    नोएडा के जिला अस्पताल में कम वजन वाले शिशुओं की देखभाल पर एक शोध किया गया। इस शोध में पाया गया कि कई माताओं को शिशुओं का वजन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी नहीं है। डॉक्टरों ने माताओं को जागरूक किया और उन्हें कंगारू थेरेपी जैसे विभिन्न तरीके बताए। अस्पताल एक बारकोड प्रणाली शुरू कर रहा है जिससे माताओं को शिशु का वजन बढ़ाने का मंत्र मिल जाएगा।

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    नोएडा के जिला अस्पताल में कम वजन वाले शिशुओं की देखभाल पर एक शोध किया गया। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नोएडा। ढाई किलोग्राम से कम वजन वाले शिशुओं की सुरक्षा और देखभाल के लिए जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने शोध किया है। छह महीने तक चले इस शोध में अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ ही दिल्ली आईआईपीएच के विशेषज्ञों ने भी सहयोग किया है।

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    अध्ययन में प्रसवोत्तर माताओं और देखभाल करने वालों के बीच कम वजन वाले शिशुओं की देखभाल के ज्ञान, अभ्यास और वर्तमान स्थिति पर मिश्रित शोध किया गया है। डॉक्टरों ने इस अध्ययन को प्रकाशन के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।

    वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रियंका विरल बजवाला, दिल्ली एसोसिएशन से प्रोफेसर डॉ. ज्योति शर्मा, अस्पताल के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रेनू अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया जादौन और डिप्लोमा इन नर्सिंग बोर्ड कोर्स के नोडल अधिकारी एवं फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. ऋषभ कुमार ने अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात शिशुओं पर अध्ययन किया।

    इस बीच, चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ज़्यादातर माताओं को शिशु का वज़न बढ़ाने के कंगारू थेरेपी, थर्मल केयर और अन्य तरीकों की जानकारी नहीं थी, जिससे शिशु का वज़न बढ़ाने में काफ़ी दिक्कत आ रही है। इन सभी को विभिन्न तरीके बताकर जागरूक किया गया।

    साथ ही, शिशु को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित भी किया गया। डॉ. ऋषभ बताते हैं कि यह अध्ययन 15 जनवरी से 15 जून के बीच किया गया। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अजय राणा बताते हैं कि अध्ययन को एक किताब में सुरक्षित रखा गया है। बारकोड स्कैन करते ही माताओं को नवजात का वज़न बढ़ाने का मंत्र मिल जाएगा। यह पहल शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।