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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बालकनी में रखे गमलों में युवक ने बोए थे विदेशी बीज, ऑनलाइन माल बेच हुआ मालामाल... पुलिस पहुंची तो खुल गया 'खेल'

Published: Tue, 12 Nov 2024 06:25 PM (IST)Updated: Tue, 12 Nov 2024 07:03 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 थाना क्षेत्र में एक शख्स ने अपने फ्लैट में विदेशी बीजों से गांजा उगाया और ...और पढ़ें

फ्लैट में उगा रखे थे गांजा के पौधे। जागरण
फ्लैट में उगा रखे थे गांजा के पौधे। जागरण

HighLights

  1. ग्रेटर नोएडा के एक फ्लैट में उगा रहा था गांजा के पौधे
  2. विदेश से मंगाए थे बीज, डार्क वेब पर बेच रहा था ड्रग्स

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बीटा दो थाना क्षेत्र की पार्श्वनाथ पनोरमा सोसायटी के फ्लैट में एक शख्स विदेशी बीज मंगाकर पौधे उगा रहा था।

उसी पौधे को बेचकर वह मालामाल हो गया। लेकिन उसे यह सब ज्यादा दिन तक रास नहीं आया। पुलिस को जब उसके इस पूरे धंधे का पता चला तो वह सीधे सलाखों के पीछे पहुंच गया। आरोपी की पहचान मेरठ निवासी राहुल चौधरी के नाम से हुई है।

साधारण नहीं इस पौधे की कर रहा था खेती

दरअसल वह ऐसे-वैसे नहीं गांजा के पौधों की अपने फ्लैट के अंदर ही खेती कर रहा था। इसके लिए उसने अपने फ्लैट के अंदर ही पूरा सेटअप बना रखा था।

बीटा-2 के पनोरमा सोसायटी में गांजा का पौधा उगाने का आरोपित गिरफ्तार हुआ है। उसने विदेश से गांजा के बीज मंगाए थे।

फ्लैट के अंदर ही गमले में उगा रहा था पौधे

बीज को गमलों में बोकर पौधे तैयार किए थे। पुलिस के अनुसार एक पौधा तैयार होने में 110 दिन लगते हैं। वह गांजा तैयारकर डार्क वेबसाइट के माध्यम से बेचता था।

कौन है आरोपी राहुल

आरोपी राहुल चौधरी अंग्रेजी विषय से परास्नातक है। राहुल इंटरनेट का अच्छा जानकार है। पहले उसने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से गांजा के पौधों की खेती करनी सीखी।

विदेशी वेबसाइट सीड्समैन के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर गांजा के बीज को आयात किया। इस खरीद का भुगतान उसने पे-पाल एप के माध्यम से किया।

फ्लैट में लाइटों से की धूप की व्यवस्था

राहुल ने अपने फ्लैट में एयर कंडीश्नर की मदद से फुल स्पेक्ट्रम प्लांट ग्रोइंग लाइट की सहायता से गांजा के बीजों को गमलों में बोकर कर पौधे तैयार किए। इन्हीं लाइटों से वह पौधों के लिए जरूरी सूरज की रोशनी की आपूर्ति करता था।

पुलिस ने जानकारी दी कि बीज, खाद, रसायन, कीटनाशक, बिजली आदि की कुल लागत लगाकर एक पौधे पर करीब 05 से 07 हजार रूपये का खर्च आता था। 

डार्क वेब पर तैयार कर रखा था मार्केट

एक पौधे से करीब 30 से 40 ग्राम गांजा प्राप्त हो जाता था। पुलिस ने बताया कि डार्क वेब पर जिसकी कीमत 60 से 80 हजार रुपये के बीच लगती थी।

राहुल ने डार्क वेब पर अपना गांजा बेचने का मार्केट तैयार कर लिया था। वह डार्क वेब के माध्यम से अपने ग्राहकों तक इसकी आपूर्ति करता था। यह काम करते हुए उसे करीब 4 महीने हुए हैं।