यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Greater Noida: एक्सपो मार्ट के तर्ज पर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बनेगा कन्वेंशन सेंटर
यमुना प्राधिकरण की ओर से ग्रेटर नोएडा में बने एक्सपो मार्ट के तर्ज पर कन्वेंशन सेंटर को बनाया जाएगा। नोएडा ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता । यमुना प्राधिकरण की ओर से ग्रेटर नोएडा में बने एक्सपो मार्ट के तर्ज पर कन्वेंशन सेंटर को बनाया जाएगा। नोएडा इंंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप सेक्टर 10 में 100 एकड़ में इसे बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। मंगलवार को यमुना प्राधिकरण के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर के चेयरमैन राकेश कुमार के साथ इस बाबत बैठक की। सेंटर बनाने पर सहमति बनी है।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विश्वभर में पहचान
ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट अपने विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विश्वभर में पहचान बनाए हुए है। 58 एकड़ में फैले इस एक्सपो में विश्वस्तरीय मेलों का आयोजन किया जाता है। पिछले दिनों ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ल्ड डेरी समिट में शिरकत की थी। आटो एक्सपो का आयोजन भी कई बार हो चुका है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 2024 में इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में एयरपोर्ट के पास विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर होने से यहां कई बड़े आयोजन किए जा सकेंगे।
यह भी पढ़ें - Noida में सड़क पर उतरे फ्लैट बायर्स, बिल्डर से लेकर प्राधिकरण तक के खिलाफ किया प्रदर्शन
आने वाले लोगों को होगी सहूलियत
एयरपोर्ट नजदीक होने से विदेशी और देशभर से आने वाले लोगों को सहूलियत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए यमुना प्राधिकरण के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने एक्सपो मार्ट के चेयरमैन राकेश कुमार के साथ बैठक की। सीईओ ने बताया कि बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई है। नया कन्वेंशन सेंटर कई मायनों में ग्रेटर नोएडा के एक्स्पो मार्ट से अलग होगा। इसको लेकर जल्द बैठक की जाएगी।
यह भी पढ़ें - Noida News: दीपावली पर गुल हुई बिजली तो इस नंबर पर करें कॉल, तुरंत मिलेगी मदद
सेक्टर 10 में मिक्स्ड लैंड यूज के तहत भूखंड
यमुना प्राधिकरण की ओर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप सेक्टर 10 में मिक्स्ड लैंड यूज के तहत भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इनमें औद्योगिक, रिहायशी, कमर्शियल, संस्थागत भूखंड शामिल रहेंगे। 75 प्रतिशत पर औद्योगिक भूखंड विकसित किया जाएगा। बाकी 25 प्रतिशत पर अन्य श्रेणी के भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए भी जमीन को चिह्नित कर लिया गया है।
