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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइआइटी इंजीनियर अपूर्व चौहान ने यूपीएससी में हासिल की 34वीं रैंक

By JagranEdited By:
Published: Tue, 04 Aug 2020 11:52 PM (IST)Updated: Wed, 05 Aug 2020 07:28 AM (IST)

जागरण संवाददाता नोएडा आइआइटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिग की पढ़ाई कर चुके नोएडा के 27 वर्षीय ने अपूर्व चौहान ने ...और पढ़ें

आइआइटी इंजीनियर अपूर्व चौहान ने यूपीएससी में हासिल की 34वीं रैंक
आइआइटी इंजीनियर अपूर्व चौहान ने यूपीएससी में हासिल की 34वीं रैंक

जागरण संवाददाता, नोएडा : आइआइटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिग की पढ़ाई कर चुके नोएडा के 27 वर्षीय ने अपूर्व चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में 34वीं रैंक हासिल की है। पिछले साल यूपीएससी में 148वीं रैंक हासिल कर आइपीएस में चयनित हुए थे, फिलहाल वह दिल्ली पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। सेक्टर-12 निवासी अपूर्व चौहान इससे पहले आइआरएस कस्टम और इनकम टैक्स में भी चयनित हो चुके हैं। हमेशा पढ़ाई में रहे अव्वल

अपूर्व ने 2008 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95 फीसद अंक हासिल किए थे और 12वीं में भी 95 फीसद अंक लाकर टॉपर बने थे। इसके बाद 2014 में उन्होंने आइआइटी दिल्ली से सिविल स्ट्रीम में बीटेक पूरी की। कॉलेज के समय से ही कोचिंग लेकर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी थी। 2016 में यूपीएससी परीक्षा में 438 रैंक लाए और आइआरएस कस्टम में चयनित हुए थे, 2017 में 328 रैंक लाकर आइआरएस इनकम टैक्स में चयनित हुए। इसके बाद 2018 में 148 रैंक लाकर आइपीएस के लिए चयनित हुए। उसके बाद प्रशिक्षण शुरू किया, लेकिन साथ में पढ़ाई भी जारी रखी। 2019 परीक्षा में सफल होकर 34वीं रैंक हासिल की है। डॉक्टरों के परिवार में बने पहले अधिकारी

मूलरूप से मेरठ के एक गांव के रहने वाले अपूर्व चौहान कुछ साल पहले माता-पिता के साथ नोएडा आए थे। उनकी माता डॉ. आभा चौहान और पिता डॉ. सुनील चौहान नोएडा में निजी अस्पताल संचालित करते हैं। अपूर्व की बहन और जीजा भी पेशे से डॉक्टर हैं। उनकी मां आभा चौहान ने बताया कि पूरे परिवार में सभी लोग चिकित्सा क्षेत्र में हैं, लेकिन अपूर्व अकेले ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने आइआइटी से इंजीनियरिग कर पहले सभी को चौंका दिया था। अब यूपीएससी में 34वीं रैंक पाकर पूरे परिवार का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। परिणाम आने पर बेटे को वीडियो कॉल पर बधाई दे पाई, क्योंकि दिल्ली पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण में व्यस्त हैं और 15 अगस्त की तैयारी में लगे हुए हैं। सफलता का जश्न मनाने के लिए बेटे का इंतजार कर रही हैं।