ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार पर हाईटेक पहरा, 300 KMPH की स्पीड पकड़ेगा राडार गन; एक सेकेंड में कट जाएगा चालान
ग्रेटर नोएडा में अब तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए स्पीडो राडार गन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
स्पीडो राडार गन 300 किमी/घंटा तक रफ्तार पकड़ेगी।
एक सेकंड में तेज रफ्तार वाहन का चालान कटेगा।
डेटा सीधे ई-चालान पोर्टल पर अपलोड होगा।
गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। यातायात नियमों को ताख पर रख तेज रफ्तार के कारण लोगों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन चालक अब ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे।
300 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से दौड़ रहे वाहन का स्पीडो राडार गन की जद में आते ही महज एक सेकेंड में चालान कट जाएगा। जल्द ही जिले के सभी ट्रैफिक कर्मियों को स्पीडो राडार गन से लैस कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने की तैयारी है।
इस हाईटेक उपकरण को इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के स्टाल पर प्रदर्शित किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक ट्रैफिक पुलिस को मोबाइल फोन से फोटो खींच कर एप के माध्यम से चालान काटने में दो से तीन मिनट लगते हैं। कई बार तेज रफ्तार वाहन काफी दूर निकल जाता है। इससे लोकेशन बदलने पर चालक गलत चालान का आरोप लगाने लगते हैं।
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फिलहाल यह हाइटेक उपकरण 1.2 किलोमीटर दूर से भी 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक की स्पीड पकड़ेगा। रात में भी इंफ्रारेड सेंसर से काम करेगा। ऐसे में चेकिंग देख बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट के चलते तेज रफ्तार से बच कर निकल जाने वाले वाहन चालक भी कार्रवाई के दायरे में होंगे।
जानिए कैसे काम करेगा स्पीडो राडार गन
यह उपकरण डाप्लर राडार तकनीक पर काम करता है। इसमें लगी राडार गन से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें निकलती हैं। जैसे ही कोई वाहन इसकी रेंज में आता है, तरंगें उससे टकराकर वापस आती हैं।
वाहन की गति के हिसाब से तरंगों की फ्रीक्वेंसी में बदलाव होता है, जिसे डिवाइस तत्काल कैलकुलेट कर लेता है। यह पूरी प्रक्रिया महज एक सेंकेंड में पूरी हो जाती है।
डेटा सीधे ई-चालान पोर्टल पर होता है अपलोड
हाइटेक स्पीडो राडार गन में हाई-रेजोल्यूशन कैमरा, लेजर सेंसर और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन सिस्टम लगा है। वाहन के गुजरते ही यह स्पीड, नंबर प्लेट, लोकेशन और टाइम स्पैन के साथ फोटो-वीडियो कैप्चर कर लेता है।
डाटा सीधे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और ई-चालान पोर्टल पर अपलोड हो जाता है।
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