ग्रेटर नोएडा PNB फ्रॉड में नया खुलासा, बैंककर्मी दीपांशी ने भाई के साथ रची थी साजिश; पीड़ितों ने खोले राज
ग्रेटर नोएडा के पीएनबी ऐच्छर शाखा में कार्यालय सहायक दीपांशी ने अपने बैंककर्मी भाई के साथ मिलकर खाताधारकों की करोड़ों की धनराशि में हेरफेर कर गबन की साजिश रची।

भाई के साथ मिलकर रची थी साजिश। फोटो: सांकेतिक
HighLights
दीपांशी ने बैंककर्मी भाई संग रची धोखाधड़ी की साजिश।
खाताधारकों के लाखों रुपये में की गई हेरफेर, गबन का आरोप।
पीड़ितों को बैंक के बाहर मिलकर टरकाती थी दीपांशी।
गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। ऐच्छर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से जुड़े ग्राहकों की धनराशि में हेरफेर कर गबन करने की साजिश सकीपुर निवासी कार्यालय सहायक दीपांशी ने दूसरी बैंक में सेवारत भाई के साथ मिलकर रची थी।
ऐसे सभी खाताधारक जिनकी धनराशि में हेरफेर की गई है, उनके पास दीपांशी के अलावा उसके भाई का भी मोबाइल नंबर है। पीड़ित खाताधारकों का कहना है कि जब भी वे रुपये निकालने के लिए दीपांशी से संपर्क करते थे, दीपांशी या उसका भाई बैंक के बाहर ही आकर मुलाकात करते थे।
हर बार झांसा देकर टरका देते थे। अनिवार्यता बताने पर निकासी के बाउचर तक नहीं भरवाते थे, बल्कि अपने पास से रकम देकर बैंक के बाहर से ही चलता कर देते थे।
पीड़ितों का दावा है कि दीपांशी का भाई भी ग्रेटर नोएडा के ही एक बैंक में कार्यरत है। आरोप है कि उनकी धनराशि में हेरफेर करने में अन्य आरोपियों के अलावा दीपांशी और उसका भाई भी साजिश में शामिल रहा है।
खाते से लाखों रुपये हेरफेर का आरोप
सेक्टर पाई के ऐच्छर स्थित पीएनबी की शाखा शनिवार को पहुंचे रायपुर बांगर के धर्मवीर का करीब 15 वर्ष से खाता है। उन्होंने मुआवजे की राशि जमा की थी। इन्होंने एक पर्ची दिखाई, जिस पर दीपांशी और उसके भाई का मोबाइल नंबर लिखा है।
दावा है कि करीब 50 लाख रुपये खाते में जमा किए थे। पांच माह पहले रुपये निकालने पहुंचे तो दीपांशी बैंक के बाहर मिली। कहा कि तुम्हारा खाता बंद है, पैन व आधार लेकर आओ, नया खाता खोलना पड़ेगा।
उन्हें एक लाख रुपये की जरूरत थी। दीपांशी ने अपने पास से उधारी के रूप में एक लाख रुपये यह कहते हुए दिए कि जब खाता चालू हो जाए तो वापस कर देना।
जिसे बाद में धर्मवीर ने वापस कर दिया था। प्रकरण पता चलने पर खाते की जांच कराने पहुंचे। दावा है कि मोटी रकम उनके खाते से हेरफेर की गई है।
ब्याज में कटौती, 11 लाख रुपये कम देने का आरोप
ऐच्छर निवासी पीड़ित अमर पाल ने बताया कि बैंक में 80 लाख की तीन एफडी कराई थी। 23 अक्टूबर को वह बैंक पहुंचे तो दीपांशी ने सर्वर डाउन बता अगले दिन आने को कहा। दोबारा बैंक पहुंचे तो भीड़ दिखी व प्रकरण पता चला।
उनकी एफडी भी तोड़कर धनराशि में हेरफेर कर दी गई थी। बैंक कर्मियों से संपर्क करने पर शुक्रवार को बैंक बुलाया था। आरोप है कि बैंक पहुंचे तो मैनेजर ने कहा कि आपका अप्रूवल आ गया है। 20 मिनट में खाते पर रुपये अपडेट हो जाएंगे।
जब ब्याज की बात पूछी तो 2.50 प्रतिशत की दर से ही ब्याज देने की बात कही। जबकि एफडी कराते समय करीब छह प्रतिशत की दर से ब्याज देने की शर्त रखी थी।
आरोप है कि बात मानने की जमापूंजी में भी 11 लाख रुपये कम डाले। यानी सिर्फ 69 लाख रुपये ही उनके खाते में जमा किए हैं।
बैंक आने पर नौकरी जाने का देती थी हवाला
बरौंडी निवासी सरोज भी शनिवार को बैंक पहुंचीं। उनका कहना है कि पिछले एक माह से दीपांशी मोबाइल पर ही उनसे बात करती थी। उसे एक माह से बैंक नहीं आने दे रही थी।
बोल रही थी कि बैंक आओगी तो उसकी नौकरी चली जाएगी। अपने भाई से बोलकर रुपये दिला देगी। अन्य कारण भी बताकर दूसरा अकाउंट तक खुलवा दिया।
सरोज का कहना है कि जमीन मुआवजे के 86 लाख रुपये जमा किए थे। अब उनके खाते पर जीरो बैलेंस दिखा रहा है। कहा कि 3, 4 व 5 अक्टूबर को उनके खाते से रुपये निकाल लिए गए, लेकिन उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज नहीं आया।
जमापूंजी गई, उल्टे कर्जदार बना दिया
बिरौंडा निवासी शमशुद्दीन का कहना है कि करीब 17 साल से इसी बैंक में उनका खाता है, जिसमें 10 लाख जमा थे। यह भी दीपांशी के संपर्क में थे।
आरोप है कि दीपांशी ने पूर्व में इसी बैंक में तैनात प्रदीप नामक कर्मी के खाते में पूरी 10 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी थी। 16 अक्टूबर को वह रुपये निकालने जाने वाले थे।
दीपांशी से संपर्क किया तो कहा बाद में आना, अभी परेशानी है। हेरफेर का पता चलने पर वह बैंक पहुंचे। खाते की जांच कराई तो बैलेंस जीरो मिला। बैंक कर्मियों ने कहा कि 40 हजार रुपये आप पर उधारी चढ़ी है। पीड़ित ने जमापूंजी वापस कराने की मांग की है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।