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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिव्या ने पिता को दिया उपहार, जीता स्वर्ण

By JagranEdited By:
Published: Sun, 17 Dec 2017 06:16 PM (IST)

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : महिला पहलवान दिव्या सेन ने दक्षिण अफ्रीका में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स

दिव्या ने पिता को दिया उपहार, जीता स्वर्ण
दिव्या ने पिता को दिया उपहार, जीता स्वर्ण

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : महिला पहलवान दिव्या सेन ने दक्षिण अफ्रीका में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान नाइजीरिया के खिलाफ कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता है। दिव्या मूलरूप से मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव के रहने वाले सूरज पहलवान की बेटी हैं। वह गौतमबुद्ध नगर के दादरी स्थित नोएडा कालेज आफ फिजिकल एजुकेशन की छात्रा हैं। कालेज के निदेशक सुशील राजपूत ने उनकी प्रतिभा की सराहना की है।

दिव्या के पिता आर्थिक तंगी के कारण पहलवानी में अपनी हसरतें पूरी नहीं कर पाए। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बेटी में पहलवानी के गुणों को तराशना शुरू किया। बेटी को अच्छे पहलवान बनाने के लिए गांव छोड़कर दिल्ली आ गए। यहां दिव्या की पहलवानी को उन्होंने निखारना शुरू किया। उनकी मेहनत के बदौलत दिव्या ने सफलता की सीढ़ी तेजी से चढ़ीं। कॉमनवेल्थ में स्वर्ण जीत कर दिव्या ने पिता को सबसे बड़ा तोहफा दिया है। इससे पहले दिव्या ने इंदौर में खेली गई राष्ट्रीय कुश्ती में भी स्वर्ण पदक जीता था। पदक जीतने के बाद वह सीधे स्टेडियम के बाहर पिता के पास भागी थी, जहां उनके पिता पहलवानों के लिए लंगोट बेच रहे थे। सूरज पहलवान ने बताया कि दिव्या इससे पहले 17 बार लगातार दिल्ली स्टेट में स्वर्ण पदक समेत करीब 60 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। दिव्या ने छह बार भारत केसरी का खिताब भी अपने नाम किया है।