जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: दनकौर में दलित परिवार के निर्वस्त्र होने व पुलिस कार्रवाई का मामला तूल पकड़ रहा है। विभिन्न दलित संगठनों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए दनकौर थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। दलित अधिवक्ताओं ने दलित परिवार की निशुल्क पैरवी करने व अनुसूचित जाति आयोग में मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है।

ज्ञात हो कि लूट के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर दलित परिवार बुधवार को दनकौर में निर्वस्त्र हो गया था। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लूट का मामला दर्ज व आरोपियों की गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया था। कस्बे में हुए हाइवोल्टेज ड्रामे में पुलिस ने दलित परिवार पर पिस्टल लूटने व जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। कस्बे के लोगों ने भी दलित परिवार पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत परिवार के पांच लोगों को जेल भेज दिया है।

इस घटना को लेकर दलित समुदाय में जबरदस्त आक्रोश है। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज, समता समाज संघ, गौतमबुद्ध अधिवक्ता कल्याण समिति समेत विभिन्न दलित संगठन के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने घटना को ¨नदनीय बताते हुए दलित परिवार पर दर्ज हुए मुकदमों को झूठा करार दिया। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज के अध्यक्ष ज्ञानचंद जीनवाल ने कहा कि प्रशासन दलितों का शोषण कर रहा है। पुलिस की ज्यादती की वजह से दलित परिवार को निर्वस्त्र होने जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराई जाएगी। गौतमबुद्ध अधिवक्ता कल्याण समिति की अध्यक्ष सुंदरी डोगर ने कहा कि निर्वस्त्र परिवार की महिलाओं के साथ पुलिस ने अमानवीय रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि दलित अधिवक्ता पीड़ित परिवार की निशुल्क पैरवी कर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व सदस्य मोहिनी जीनवाल ने कहा कि दनकौर पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने दनकौर थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। प्रदर्शन में अन्य शहरों से आए दलित समुदाय के नेता भी शामिल हुए।

पीड़ित परिवार की पैरवी व न्याय दिलाने के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित करने व सोमवार को कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी एनपी ¨सह का कहना है कि मामले की जांच के लिए एसएसपी को पत्र भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।

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