जयंत चौधरी से मिलने क्यों जा रहे थे यूपी के ये किसान? पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया; 3 घंटे थाने में बैठाया
शाहपुर में भाकियू अराजनैतिक कार्यकर्ताओं को रालोद अध्यक्ष जयन्त चौधरी को ज्ञापन देने से पुलिस ने रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने यूरिया की कमी और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य पर जानकारी सार्वजनिक न करने का विरोध किया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया। इस घटना से किसानों और सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया।

संवाद सूत्र, शाहपुर। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गांव सावटू में जाने से रोक दिया। वह रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री जयन्त चौधरी को ज्ञापन देने जा रहे थे। कार्यकर्ताओं को पुलिस थाने ले आई और लगभग तीन घंटे बाद वापस भेज दिया।
शुक्रवार सुबह भाकियू अराजनैतिक के बुढ़ाना तहसील अध्यक्ष सुभाष मलिक व बुढाना ब्लाक अध्यक्ष पिंटू ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांव सावटू में स्टेडियम का लोकार्पण करने आ रहे रालोद अध्यक्ष जयन्त चौधरी को ज्ञापन देने के लिए निकले थे। पुलिस ने इन्हें शाहपुर में मंसूरपुर तिराहा पर ही रोक लिया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस मौजूद होने की वजह से वह आगे नहीं जा सके। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले आई। तहसील अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि किसानों के लिए आने वाले सब्सिडी वाले यूरिया को जनपद की कई फैक्ट्री में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि किसान यूरिया को लेकर परेशान हैं।
इसके अलावा किसानों की बात करने वाले पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य और उनके निवास स्थान को लेकर भारत सरकार सार्वजनिक जानकारी नहीं दे रही है, जो गलत है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व उपराष्ट्रपति को नजरबंद कर रखा है।
उनके परिवार का कोई भी सदस्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहा है। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष नौशाद राणा, युवा जिलाध्यक्ष अरशद खान, संजय बिराल, आदित्य बालियान, वसीम खान, गय्यूर राणा, अमित कुमार, रामपाल सिंह व बिल्लू मलिक शामिल रहे।
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