मुजफ्फरनगर, जेएनएन। लॉकडाउन में वायु प्रदूषण थम गया है जबकि बारिश से गैसों का प्रभाव कम होने से मौसम साफ हो गया है। इसी का नतीजा है कि जनपद से शिवालिक की पहाड़ियों के अलावा दून की चोटियां भी दिखाई दे रही हैं। रविवार को जानसठ क्षेत्र से कोटद्वार की पहाड़ियां साफ नजर आईं। यह मनोहारी नजारा देखने के लिए लोग अपनी छतों पर चढ़ गए।

पिछले डेढ़ माह से देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है जिसके चलते शहरों में तमाम औद्योगिक इकाइयां बंद है ऐसे में वायु प्रदूषण की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। रविवार को बारिश होने से वायु प्रदूषण पूरी तरह से धुल गया है। वन विभाग की हैदरपुर झील के निकट से हिमालय पर्वतों की चोटियां दिखाई दे रही हैं। वहीं, सहारनपुर की शिवालिक पहाड़ियां भी साफ नजर आ रही हैं। रविवार को जानसठ क्षेत्र से भी कोटद्वार की चोटियां नजर आई। यहां से कोटद्वार की सड़क से दूरी करीब 100 किमी है। इसी तरह से शिवालिक की पहाड़ियों की दूरी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डा. डीसी पांडे बताते हैं कि इन दिनों वायु प्रदूषण में डस्ट के पार्टिकल नहीं है। जिससे हवा हल्की होने के साथ ही साफ है। वहीं यातायात व औद्योगिक इकाइयों के बंद होने से विभिन्न प्रकार के गैस भी मौजूद नहीं है। इससे मौसम साफ है और यदा-कदा दूर क्षेत्र ऊंचे पहाड़ व अन्य बड़ी इमारतें दिख सकती हैं।

रविवार को 120 रहा एक्यूआइ

रविवार को बारिश होने के बाद एक्यूआई भी कम हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ऑनलाइन मॉनिटरिग में एक्यूआई 120 प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। साथ ही ओजोन, सल्फर डाइआक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन की मात्रा भी मानकों से कम रही है।

वृहत हिमालय

हिमालय की सबसे ऊतरी श्रेणी को वृहत हिमालय, ग्रेट हिमालय, हिमाद्रि आदि नामों से जाना जाता है। यह हिमालय की सर्वाधिक सतत और सबसे ऊंची श्रेणी है, जिसकी औसत ऊंचाई लगभग 6000 मी. है। हिमालय की सर्वाधिक ऊंची चोटियां (माउंट एवरेस्ट, कंचनजंघा आदि) इसी पर्वत श्रेणी में पाई जाती हैं। यहां से कई बड़े-बड़े ग्लेशियर की उत्पत्ति होती है।

मध्य हिमालय

यह वृहत हिमालय के दक्षिण में स्थित श्रेणी है। इसकी औसत ऊंचाई 3700 मी. से 4500 मी. तक पाई जाती है और औसत चौड़ाई लगभग 50 किमी. है। लघु हिमालय श्रेणी में पीरपंजाल, धौलाधर और महाभारत उप श्रेणियां अवस्थित हैं। इनमें सर्वाधिक लंबी और महत्वपूर्ण उप श्रेणी पीरपंजाल है।

शिवालिक पहाड़ियां

लघु हिमालय की दक्षिण में स्थित शिवालिक श्रेणी हिमालय की सबसे बाहरी श्रेणी है। इसकी ऊंचाई 900 मी. से लेकर 1500 मी. तक ही पाई जाती है और पूर्वी हिमालय में इसका विस्तार लगभग नहीं पाया जाता है। शिवालिक श्रेणी की चौड़ाई 10 मी. से 50 मी. के बीच ही पाई जाती है।

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