यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रजिस्टर नंबर आठ करेगा दूसरे जिले के शातिरों की निगरानी
दूसरे जिलों में जाकर वारदातों को अंजाम देने वाले शातिरों की निगरानी रजिस्टर नंबर आठ के जरिए होगी। पुलिस जिले ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। दूसरे जिलों में जाकर वारदातों को अंजाम देने वाले शातिरों की निगरानी रजिस्टर नंबर आठ के जरिए होगी। पुलिस जिले में वारदातों को अंजाम देने वाले दूसरे जिले के बदमाशों का चिट्ठा तैयार करने में जुटी है। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए है, जब जिले के बदमाशों ने दूसरे जिलों में वारदात को अंजाम दिया है।
शातिर बदमाशों ने लूट, चोरी और डकैती समेत अन्य वारदातों को अंजाम देने के लिए अपना ट्रेंड बदला लिया है। बदमाश अपने गृह जनपद में वारदातों को अंजाम न देकर दूसरे जिलों में अपराध करते हैं। पुलिस ने इन बदमाशों पर नकेल कसने के लिए कमर कसी है। पुलिस रजिस्टर नंबर आठ में दूसरे जनपदों में वारदातों को अंजाम देने वाले शातिरों को ब्योरा तैयार करने में जुटी है। हाल ही में सिविल लाइन पुलिस ने हापुड की महिला को भारी मात्रा में चोरी की नकदी समेत दबोचा था। पुरकाजी में उत्तराखंड के बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले बदमाशों ने गाजियाबाद में ज्वैलर्स के यहां लूट की वारदात को अंजाम दिया था। अब पुलिस दूसरे जनपदों के बदमाशों का चिट्ठा रजिस्टर नंबर आठ में दर्ज कर रही है। ताकि संबंधित जनपद की पुलिस से जानकारी साझा कर बदमाशों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। क्योंकि कई बदमाश जमानत पर आने के बाद गायब हो जाते हैं और दूसरे जनपदों में वारदातों को अंजाम देते हैं। क्या है रजिस्टर नंबर आठ
रजिस्टर नंबर आठ में जनपद की हर गली-मोहल्ले और गांव का विवरण होता है। इसके पांच भाग होते हैं। भाग एक में प्रधान, लाइसेंसधारी, गणमान्य लोगों का ब्योरा होता है। भाग दो में गांव के मुकदमों का विवरण होता है। भाग तीन में सजा का रिकार्ड होता है। भाग चार में गांव में हुई हत्या, डकैती और लूट आदि का विवरण होता है और भाग पांच में गांव के हिस्ट्रीशीटरों का ब्योरा दर्ज होता है।
इन्होंने कहा::::
रजिस्टर नंबर आठ को अपडेट किया जा रहा है। इसमें यहां पर वारदात करने वाले दूसरे जनपदों के बदमाशों का विवरण अपडेट किया जा रहा है। ऐसे बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अभिषेक यादव, एसएसपी
