हैदरपुर वेटलैंड में विदेशी पक्षियों का आगमन, पर्यटकों में उत्साह बढ़ा
सर्दी की दस्तक के साथ ही हैदरपुर वेटलैंड में यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया से 5000 से अधिक प्रवासी पक्षियों ...और पढ़ें

हैदरपुर वेटलैंड में आए विदेशी पक्षी। सौ. पर्यावरणविद
HighLights
हैदरपुर वेटलैंड में 5000 से अधिक प्रवासी पक्षियों का आगमन।
यूरोप, साइबेरिया से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे।
रामसर साइट हैदरपुर, पक्षियों को अनुकूल वातावरण और भोजन।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। सर्दी की हल्की दस्तक के साथ ही गंगा बैराज के पास स्थित विश्व प्रसिद्ध हैदरपुर वेटलैंड का आसमान एक बार फिर विदेशी मेहमानों की चहचहाहट से गुलजार हो गया है। जैव विविधता के लिए दुनिया भर में पहचान बना चुका यह वेटलैंड इन दिनों प्रवासी पक्षियों का घर बना हुआ है।
हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय कर यूरोप, साइबेरिया, मंगोलिया और मध्य एशिया के बर्फीले और ठंडे क्षेत्रों से उड़ान भरकर करीब पांच हजार से अधिक प्रवासी जलपक्षी यहां आने लगे हैं। नीले आकाश में इन पक्षियों के झुंड और झील में उनकी अठखेलियां देखते ही बन रही हैं। सुबह और शाम के समय वेटलैंड पर पक्षियों की चहचहाहट और उनके उड़ने का नजारा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
ये दुर्लभ प्रजातियां दिखीं
पर्यावरणविद पक्षी विशेषज्ञ आशीष लोया ने बताया कि इस समय वेटलैंड पर कई दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी देखे जा रहे हैं। इनमें गैडवाल, टफ्टेड डक, यूरेशियन विजन, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, कामन पोचार्ड, कामन कूट, नार्दर्न शावलर जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि अभी तो शुरुआत है, दिसंबर और जनवरी में सर्दी बढ़ने के साथ ही यहां पक्षियों की संख्या 20 से 25 हजार तक पहुंच सकती है और कई और नई प्रजातियों के आने की संभावना है।
रामसर साइट का दर्जा, बढ़ी है अहमियत
गंगा और उसकी सहायक सोलानी नदी के बीच लगभग छह हजार हेक्टेयर में फैला हैदरपुर वेटलैंड आज जैव विविधता का खजाना बन चुका है। वर्ष 2018 से पहले यह क्षेत्र आम लोगों की नजर से दूर था लेकिन जब अफसरों और पर्यावरण प्रेमियों ने इसका सर्वे किया तो इसकी खूबियां दुनिया के सामने आईं। इसके बाद इसे रामसर साइट के रूप में मान्यता मिली। यह देश का 47वां और उत्तर प्रदेश का 10वां रामसर स्थल है। केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने तीन साल पहले इसे यह दर्जा दिया था।
क्यों पसंद है पक्षियों को हैदरपुर
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रवासी पक्षी सर्दियों में ऐसे स्थानों की तलाश करते हैं जहां उन्हें अनुकूल मौसम, भरपूर भोजन और सुरक्षित आवास मिल सके। हैदरपुर वेटलैंड में तीनों चीजें मौजूद हैं। यहां का शांत वातावरण उथला और गहरा जलक्षेत्र दलदली जमीन और काई व जलीय वनस्पतियां इन पक्षियों के लिए भोजन का उत्तम स्रोत हैं। यही कारण है कि हर साल ये पक्षी बिना रास्ता भूले हजारों किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंच जाते हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विदेशी पक्षियों के आने से हैदरपुर वेटलैंड पर पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों की आवाजाही भी बढ़ गई है। वन विभाग ने पक्षियों की सुरक्षा के लिए वेटलैंड क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और शिकारियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे पक्षियों को परेशान न करें और वेटलैंड की स्वच्छता बनाए रखें।
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