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Lockdown Extension:संयम बरतें महिलाएं, जनधन खाते से वापस नहीं होगी धनराशि Muzzaffaranagar News

मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में महिलाओं में भ्रम की स्थित पैदा होने पर बैंकों में भीड़ बढ़ रही है। महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन खत्‍म होते ही खाते से पैसे गायब हो जाएंगे।

By Taruna TayalEdited By: Thu, 09 Apr 2020 07:27 PM (IST)
Lockdown Extension:संयम बरतें महिलाएं, जनधन खाते से वापस नहीं होगी धनराशि Muzzaffaranagar News

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। बैंकों में खुले महिलाओं के जनधन खातों में तीन महीने तक भेजी जाने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की धनराशि निकालने के लिए महिलाओं में आपाधापी मची है। योजना की धनराशि वापस जाने के डर से महिलाएं लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए बिना जरूरत के भी बैंकों में भीड़ बढ़ रही है, जबकि बैंक अधिकारी स्पष्ट कर रहे हैं कि योजना की धनराशि बैंक में पूर्ण सुरक्षित है।

राहत के लिए भेजे गएं है पैसे

लॉकडाउन में कामकाज बंद होने के कारण प्रधानमंत्री ने दैनिक मजदूरों को राहत देने के लिए राशन उपलब्ध कराने के साथ नकद धनराशि तीन महीने तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। महिलाओं के जनधन बैंक खातों में तीन महीने तक 500-500 रुपये देने की घोषणा के तहत अप्रैल महीने की धनराशि भेजी गई। धनराशि आने के बाद महिलाओं में उन्हें निकालने की होड़ लग गई। इस बीच किसी ने महिलाओं में भ्रम की स्थिति भी पैदा कर दी कि यदि हर महीने धनराशि नहीं निकाली तो अगले महीने की धनराशि खाते में नहीं पहुंचेगी, जबकि ऐसा नहीं है। बैंक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही धनराशि सुरक्षित है। यदि वह धनराशि नहीं निकालेंगी तो तीन महीने के हिसाब से 1500 रुपये उनके खाते में जमा रहेंगे। इसलिए अतिआवश्यक होने पर ही महिलाएं बैंकों से रुपया निकासी के लिए पहुंचे। संयम बरतते हुए एटीएम व बैंक मित्रों के जरिए ही अपनी धनराशि निकालने के प्रयास किए जाएं।

इनका कहना है

जनधन बैंक खाता धारक महिलाओं में भ्रम पैदा हो रहा है कि उनके खाते में पहुंची धनराशि निकालने के बाद ही अगले महीने का रुपया पहुंचेगा। ऐसा कुछ नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। जरूरत पडऩे पर ही धैर्य के साथ रुपया निकाला जाए। केवल बैंकों से ही नहीं, खाता धारक एटीएम से भी निकासी कर सकते हैं। बैंक मित्र भी हैं, जो उनके रुपये निकलवानेे में मदद करेंगे। इसलिए जल्दबाजी में शारीरिक दूरी बिलकुल भी न तोड़ी जाए।

- अमित बुंदेला, एलडीएम, मुजफ्फरनगर