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संभलकर खाइए स्वीट्स... यहां जानिए बर्फी, गुलाब जामुन और दूसरी मिठाइयों की एक्सपायरी डेट

Published: Wed, 04 Nov 2026 01:16 PM (IST)Updated: Wed, 04 Nov 2026 01:21 PM (IST)

दीपावली पर बाजार में मिठाइयों की भरमार है, लेकिन उनकी गुणवत्ता और उपयोग की अंतिम तिथि पर ध्यान देना जरूरी है।

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संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। दीपोत्सव पर बाजार गुलजार हो गए हैं। उपहार के साथ मिष्ठान भंडार, दुकानों पर साज-सज्जा के साथ आकर्षक मिठाई को रखा गया है। इनमें उपहार के साथ विशेष छूट का लालच दिया जा रहा हैं, लेकिन जरा ठहरिए। मिठाइयों का स्वाद सेहत बिगाड़ सकता है।

कुछ मिठाइयों की उम्र होती है, उसके बाद स्वतः खराब हो जाती हैं। अर्थात खाने योग्य नहीं रहती हैं। इनमें खोया से बनी मिठाई तीन से पांच दिन में सड़ने लगती है। इनमें गुलाब जामुन अधिकतम पांच दिन तथा बर्फी की उम्र लगभग 72 घंटे है।

मिठाई पहली जरूरत

त्योहार मनाने के लिए मिठाई पहली जरूरत मानी जाती है, लेकिन अधोमानक मिठाई व खाद्य सामग्री भी खूब बिकती है। इसकी देखरेख करने वाला खाद्य सुरक्षा विभाग केवल नमूने भरने तक सीमित है। तत्काल जांच के लिए मोबाइल वैन की सुविधा है, मगर अधिकारी उसे साथ लेकर चलना गंवारा नहीं समझ रहे हैं।

खाद्य आयुक्त रोशन जैकब ने अक्टूबर से मिठाई की दुकानों पर बिक्री की लिए रखे गए प्रत्येक उत्पाद पर उसकी उपयोग की अंतिम तिथि (बेस्ट बिफोर डेट) प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसकी मंगलवार को दैनिक जागरण की टीम ने पड़ताल की।

प्रकाश चौक के निकट ऋषि स्वीट्स पर दीपावली को लेकर लगभग 60 प्रकार की मिठाई व उपहार तैयार किए गए हैं। इनमें मात्र चार प्रकार के खोया पदार्थ हैं, जिनमें खोया बर्फी, दूध व मावा से बने कलाकंद, गुलाब जामुन बनाए गए हैं। इनके अलावा उड़द, मूंग एवं चना दाल समेत काजू, बादाम से 50 से अधिक उत्पाद बनाए गए हैं।

संचालक शैंकी ने बताया कि खोया पदार्थ कम बनाए जाते हैं। उनकी उम्र अधिकतम तीन से चार दिन रहती है। उनकी मांग भी कम है। इसके बाद कचहरी मार्ग पर नंदी स्वीट्स का जायजा लिया गया। यहां पर भी दीपावली को लेकर विभिन्न उत्पाद रखे मिले। अधिकतर उत्पाद बिना खोया व मावा वाले थे।

दोनों मिष्ठान भंडार पर प्रत्येक उत्पाद पर उनके प्रयोग करने की अंतिम तिथियां अंकित मिलीं। नामचीन मिष्ठान भंडार पर नियम का पालन होता मिला, लेकिन मध्यम स्तर के हलवाइयों के यहां तिथि अंकित करने वाले नियम का पालन होता नहीं दिखा।

इस तरह से बताई उम्र

दूध और खोया से बनी मिठाई में कलाकंद, रसमलाई अधिकतम दो दिन, मिल्क केक व खोया बर्फी अधिकतम पांच दिन, मावा पेड़ा चार दिन तथा गुलाब जामुन अधिकतम पांच दिन तक सुरक्षित हैं। उसके बाद उनमें सड़न पैदा होने लगती है। काजू व बादाम कतली एक सप्ताह, बेसन के लड्डू 15 दिन, मोतीचूर के लड्डू पांच दिन के अंदर प्रयोग होने चाहिए।

प्रत्येक दुकान पर खाद्य उत्पाद पर उसके प्रयोग होने की अंतिम तिथि अंकित करनी होगी। इस नियम का पालन कराया जा रहा है। क्षेत्रवार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। - अर्चना धीरान, सहायक आयुक्त-द्वितीय, खाद्य सुरक्षा विभाग मुजफ्फरनगर

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