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    एयरफोर्स के सेवानिवृत्त अधिकारी को किया डिजिटल अरेस्ट, ठगे 16.20 लाख... मनी लान्ड्रिंग में फंसने का किया था दावा

    By Vashu Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 06:02 PM (IST)

    सेवानिवृत्त एयरफोर्स अधिकारी को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर 16.20 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने का डर दिखाकर किश्तों में पैसे लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

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    सेवानिवृत्त एयरफोर्स अधिकारी को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर 16.20 लाख रुपये ठग लिए। (प्रतीकात्मक फोटो) 

    संवाद सहयोगी, जागरण, मुजफ्फरनगर। साइबर लुटेरों ने डिजिटल अरेस्ट कर एयरफोर्स से सेवानिवृत्त अधिकारी को ऐसा जाल में फंसाया कि वह बिना कुछ समझे 16.20 लाख रुपये गंवा बैठे। ठग खुद को टेलीकाम रेगुलेटरी अथारिटी आफ इंडिया मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताते रहे और वीडियो काल पर पुलिस वर्दी पहन बुजुर्ग को धमकाते रहे। बुजुर्ग को मुजफ्फरनगर से दिल्ली बुलाकर बैंक से रुपये ट्रांसफर करा लिए।

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    शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव हरसौली में रहने वाले 74 वर्षीय धर्मपाल सिंह एयरफोर्स से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनके पास 17 नवंबर को एक अज्ञात नंबर से काल आई। काल करने वाली महिला ने खुद को ट्राई अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर मुंबई से एक मोबाइल नंबर चल रहा है, जिस पर मनी लान्ड्रिंग की शिकायत दर्ज है। विरोध करने पर महिला ने तुरंत एक शिकायत नंबर बनाकर बात को गंभीर बना दिया और काल एक अन्य व्यक्ति से जोड़ दी, जिसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया।

    बुजुर्ग को वीडियो काल करते वर्दीधारी व्यक्ति दिखाया गया, जिसने कहा कि आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। काल मत काटना और फोन आन रखना होगा। भयभीत धर्मपाल से उनके बैंक खातों की जानकारी ले ली गई। अगले ही दिन उन्हें दिल्ली में सुब्रोतो पार्क स्थित एसबीआई शाखा भेजा गया। वहां उन्हें कहा गया कि किसी से बात न करें और 11.70 लाख रुपये एक खाते में जांच (वेरिफिकेशन) के नाम पर आरटीजीएस कर दें। कुछ दिन बाद यह पैसे वापस आ जाएंगे।

    बुजुर्ग ने डर के कारण रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसपर भी साइबर लुटेरों का मन नहीं भरा। उन्होंने डर का फायदा उठाते हुए 21 नवंबर को फिर से काल किया। काल कर उनके दूसरे खाते की डिटेल ली और फिर 4.50 लाख रुपये एक अन्य खाते में ट्रांसफर करा लिए। कुल 16.20 लाख रुपये ट्रांसफर होने के बाद ठगों के नंबर बंद हो गए। इस पर पीड़ित बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ।

    उन्होंने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह ने बताया कि बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की गई हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया, जांच की जा रही है।

    कभी न करें यह गलती, इन बातों का रखें ध्यान
    -कोई भी सरकारी विभाग ट्राई, सीबीआई, पुलिस, आरबीआई फोन पर कार्रवाई नहीं करता।
    -डिजिटल अरेस्ट शब्द पूरी तरह फर्जी है, किसी कानून में नहीं है।
    - वीडियो काल पर वर्दी दिखाना भी ठगी का हिस्सा है, असली अधिकारी ऐसा नहीं करते।

    -बैंक वेरिफिकेशन या जांच के नाम पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें।
    -डराने वाले काल, केस दर्ज करने की धमकी मिलते ही 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें।
    -किसी भी अनजान लिंक, काल या वाट्सएप नम्बर की जानकारी साझा न करें।